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नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से मंगाते थे आधुनिक हथियार, ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे

Wed, 27 Jun 2018 08:30 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
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arms supplier - फोटो : अमर उजाला
हथियारों की तस्करी के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने एक गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को दबोचा है। गिरोह नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से विदेशी हथियार तस्करी कर भारत मंगवाता था। आरोपियों के पास से 26 आधुनिक विदेशी .30 बोर की पिस्टल, 800 कारतूस, 19 मैगजीन, एक एसयूवी गाड़ी के अलावा एक लाख रुपये कैश बरामद किए हैं।आरोपियों की पहचान सलीम अहमद उर्फ पिस्टल, उसका छोटा भाई नसीम अहमद और नसीम के दोस्त मोहम्मद फैजान के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए कार की स्टेपनी में हथियार छिपा लेते थे।
 
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arms supplier - फोटो : अमर उजाला
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि एसीपी गजेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर विनय यादव व हवलदार अनिल को शनिवार को सूचना मिली थी कि कुछ लोग भारत-नेपाल के सनौली बॉर्डर (महाराजगंज जिला, यूपी) से हथियार लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करते हैं। सूचना के बाद टीम को फौरन सनौली बॉर्डर रवाना किया गया। पुलिस टीम ने रास्ते में एक गाड़ी का पीछा शुरू कर दिया। पीछा करते हुए टीम दिल्ली के न्यू उस्मानपुर में पहुंच गई। यहां पुलिस टीम ने बदमाशों को घेरकर दबोच लिया। कार से 26 विदेशी पिस्टल, 800 कारतूस व बाकी सामान बरामद हुआ।आरोपियों ने बताया कि सभी पिस्टल नेपाल के रास्ते पाकिस्तान व चाइना से भारत पहुंची हैं। सनौली बॉर्डर व कभी-कभार नेपाल में अपने साथियों से हथियारों का जखीरा लेने के बाद यह लोग दिल्ली-एनसीआर के गैंगस्टर व बदमाशों को 70 हजार से 1.50 लाख रुपये तक में पिस्टल बेच देते हैं। 

 
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arms supplier - फोटो : अमर उजाला
सभी एजेंसियों को थी सलीम की तलाश
गिरफ्तार आरोपी सलीम का हथियार तस्करी की दुनिया में जाना-पहचाना नाम है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच समेत सभी एजेंसियों को उसकी तलाश थी। उसके खिलाफ पहले से अलग-अलग थानों में आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।

 

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arms supplier - फोटो : अमर उजाला
साउथ अफ्रीकन एबेंसी से खरीदी थी गाड़ी
पुलिस को पता चला है कि बरामद कार को सलीम ने आठ-नौ माह पूर्व साउथ अफ्रीकन एबेंसी से एक डीलर के जरिये खरीदा था। कार पर दिल्ली का नंबर लेने के बाद आरोपी पूर्व में लगे इंटरनेशनल नंबर का भी इस्तेमाल कर लेते थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई बार आरोपियों ने नेपाल की सीमा पर इंटरनेशनल नंबर की मदद से सीमा पार की। जैसे ही नेपाल में जखीरा आने की सूचना मिलती थी, सलीम बताई हुई तारीख पर नेपाल या बॉर्डर पर पहुंच जाता था।

 
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Now licence to keep Spear, lance and sword - फोटो : demo
हाशिम बाबा की मिली थी सूचना
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुख्यात नासिर गैंग के गुर्गे हाशिम बाबा के गोरखपुर में होने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस टीम ने उसी सूचना के आधार पर काम शुरू किया। एक टीम को गोरखपुर रवाना किया। पुलिस ने सूचना के आधार पर एक कार का पीछा शुरू कर दिया। दिल्ली लाकर जब कार सवारों को दबोचा गया, तो वह हाशिम बाबा न निकलकर हथियार तस्कर सलीम पिस्टल निकला।

 
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हथियार
ऑर्म्स डीलरों से मिलते हैं कारतूस
पुलिस सूत्रों की मानें तो यूपी के सरकारी आर्म्स डीलर बदमाशों की गुपचुप तरीके से मदद करते हैं। दरअसल यह आर्म्स डीलर लाइसेंस होल्डर बंदूक या पिस्टल वालों के नाम पर कारतूसों का कोटा कागजों पर दिखाकर कारतूस अवैध रूप से बदमाशों को बेच देते हैं। हकीकत में लाइसेंस होल्डर वाले शख्स को पता भी नहीं होता कि उसके नाम पर कारतूस बदमाशों को बेच दिए गए हैं। यह सब आर्म्स डीलर की मदद से संभव हो पाता है। इसके लिए आर्म्स डीलर बदमाशों से मोटी रकम वसूलते हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हथियार कारोबारी इसमें गुपचुप तरीके से लिप्त हैं।
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