पूजा की मौत की घटना वाली रात उसके कथित पारिवारिक सदस्य इंस्पेक्टर अमित कुमार के साथ झगड़ा भी हुआ था। मंगलवार को भरत नामक व्यक्ति ने एक ऑडियो वायरल किया है, जिसमें इंस्पेक्टर द्वारा पूजा से झगड़ने की आवाज सुनाई दे रही है।
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पूजा की आत्महत्या के बाद बिलखते परिजन
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ये भी कहा जा रहा है कि पूजा के बंकी और भरत से मिलने पर इंस्पेक्टर काफी नाराज हो रहा था। सौरभ का यह भी कहना है कि पूजा की शादी टूटने वाली कोई बात ही नहीं थी, क्योंकि वह शादी के खिलाफ थी।
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पूजा तिवारी के भाई
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
वह परिजनों से लड़कर शादी करने से मना कर देती थी। वह आगे बढ़ना चाहती थी। डॉक्टरों की झूठी एफआईआर के कारण ही डिप्रेशन में आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
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पूजा तिवारी के पिता
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
उसने यह भी बताया कि घटना से दो घंटे पहले ही पूजा की मम्मी और पापा से बात हुई थी। उक्त लोगों ने उसे समझाया था कि सब ठीक हो जाएगा। दो घंटे बाद ही उसने ऐसा कदम उठा लिया।
पूजा की सहेली अमरीन खान ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि घटना के दिन वह दोनों दिनभर फ्लैट में ही रहे। शाम के वक्त दोनों बाजार से सब्जी लेकर आए और खाना बनाया।
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पूजा तिवारी
- फोटो : सोशल मीडिया
इसी दौरान उसने बताया कि पिछले दिनों उसने एक स्टिंग किया है। कुछ लोगों ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा रखी है। वेब पोर्टल ने जांच बिठा दी है और उसे निलंबित कर सैलरी भी रोक दी है, जिसके कारण वह परेशान रहती थी।
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पूजा तिवारी
- फोटो : सोशल मीडिया
घटना की रात करीब 8 बजे पूजा ने एक-दो शराब के पैग भी लिए थे। रात 11:30 बजे दोनों ने खाना खाया। पूजा ने शराब पी और लॉबी में सोफे पर बैठ गए, तभी उसका कथित पारिवारिक सदस्य अमित आ गया। हम तीनों बैठकर मामले पर चर्चा कर रहे थे।
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पूजा तिवारी
- फोटो : सोशल मीडिया
कुछ देर बाद मैं उठकर अपने कमरे में चली गई और जैसे की कमरे की कुंडी लगाई कि अमित ने दरवाजा खटखटाया और पूजा की बालकनी से छलांग लगाने की बात बताई। अमरीन का कहना है कि अगर पूजा ने शराब नहीं पी होती तो घटना नहीं होती।
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पूजा तिवारी
- फोटो : सोशल मीडिया
आरोपी बनाए गए डॉक्टर अनिल गोयल का कहना है कि पूजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद कभी उससे बातचीत नहीं हुई। पूरा मामला ठंडा पड़ गया था। घटना के वक्त कमरे में मौजूद इंस्पेक्टर अमित कुमार ने उनके परिजनों का ब्रेनवाश किया है।
उसी के कहने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि घटना में उनका कोई रोल नहीं है। इस पूरे प्रकरण में इंस्पेक्टर अमित की भूमिका की जांच होनी चाहिए कि वह देर रात लड़की के कमरे पर क्यों गया और जब वह आत्महत्या करने जा रही थी तो उसे क्यों नहीं बचाया।
पूजा तिवारी के परिजन
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
पूजा के पारिवारिक सदस्य मनीष शुक्ला ने बीके अस्पताल के सीएमओ की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया है। उनका कहना था कि जब पूजा सीएमओ से भ्रूण हत्या कराने वाले झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मिलने गई, तो सीएमओ ने उसका मोबाइल बाहर रखवा दिया था। ऐसा लगता है कि इसमें सीएमओ के संरक्षण में भ्रूण हत्या का खेल यहां चल रहा है।