डांस क्लब में मामूली रूप से हाथ छू जाने पर हुई युवक की हत्या मामले में हाईकोर्ट ने पांच लोगों को मिली जमानत रद्द कर दी है। इस मामले में एक अन्य आरोपी की जमानत हाईकोर्ट ने पहले ही रद्द कर दी थी। इस मामले में आरोपियों को निचली अदालत से जमानत प्रदान की गई थी जिसे हार्ईकोर्ट ने यह टिप्पणी कहते हुए रद्द कर दिया कि जब आरोपियों की जमानत याचिका को हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई थी तो निचली अदालत ने अन्य आरोपियों को जमानत देने में जल्दी क्यों दिखाई।
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इस मामले में हाईकोर्ट ने पांच आरोपियों विकास उर्फ शम्मी, आशीष, विशाल, विकास व तुरुण की जमानत रद्द कर दी है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अनिल कुमार यादव की जमानत को हाईकोर्ट ने पहले रद्द किया था। कोर्ट ने कहा कि जब हाईकोर्ट में अनिल की जमानत को चुनौती दी हुई थी तो निचली अदालत ने अन्य पांचों को जमानत देने में इतनी जल्दी क्यों दिखाई। यह तर्क देते हुए हाईकोर्ट ने आरोपियों को निचली अदालत ने प्रदान की गई सजा को रद्द कर दिया।
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प्रतीकात्मक चित्र
वहीं, आरोपियों का तर्क था कि वह एक साल से अधिक समय से जेल में हैं। तरुण का तर्क था कि उसे इस मामले में झूठे तरीके से फंसाया जा रहा है। जबकि आशीष, विशाल व विकास का कहना था कि घटना के समय वह मौके पर ही नहीं थे।
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मर्डर
- फोटो : SOCIAL MEDIA
गौरतलब है कि पेश मामले में अक्टूबर 2015 को रूपेश तंवर व रोहित बंसल अपने अन्य दोस्तों के साथ हौज खास इलाके में शंघाई क्लब गए थे। यहां डांस करते हुए रोहित का हाथ हाथ अनिल को मामूली रूप से छू गया था। इस बाबत अनिल पक्ष ने रोहित के साथ झगड़ा शुरू कर दिया था, लेकिन क्लब प्रशासन ने मामले को रफा-दफा करके दोनों पक्षों को शांत करवा दिया था।
इस मामले में रोहित का आरोप था कि इसके बाद अनिल और उसके अन्य साथियों ने क्लब के बाहर आईआईटी गेट के पास उनपर पत्थर और लाठियों से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में गंभीर रूप से घायल रूपेश को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।