सीबीआई की विशेष अदालत में बृहस्पतिवार को सारा सिंह हत्याकांड मामले में भाई हर्ष सिंह की गवाही हुई। जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे वाले सामने आए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने अदालत को बताया कि सारा के मामा (पूर्व आईएएस) ने उसके शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए डॉक्टरों को पत्र लिखा था लेकिन दोबारा पोस्टमार्टम नहीं किया गया। मृतक सारा सिंह की मां सीमा के अधिवक्ता नवनीत त्यागी बयाना ने बताया कि सारा के भाई हर्ष से बचाव पक्ष के वकीलों ने घटनाक्रम पर 30 से चालीस सवालों के तैयार प्रोफार्मा के आधार पर पूछा कि सारा की मौत से लेकर सारा घटनाक्रम बताएं।
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हर्ष ने बताया कि वह शव के साथ मुर्दाघर तक गया था, जिस एंबुलेंस में सारा का शव गया था उसमें अमनमणि (नौतनवां से निर्दलीय विधायक) भी बैठा था। हर्ष ने बताया कि उसके दो मामा हैं। सतेंद्र रघुवंशी जो कि उस समय गृह सचिव थे, घर पर मौजूद नहीं थे। वह अंतिम संस्कार से पहले पहुंचे थे।
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- फोटो : सोशल मीडिया
सारा के दूसरे मामा ज्ञानेंद्र रघुवंशी ने ही बाकायदा पत्र लिखकर दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी क्योंकि उसकी गर्दन पर काले निशान थे, कान के नीचे भी एक काला निशान था। यह वह सबूत थे जिनकी बिनाह पर दोबारा पोस्टमार्टम होना जरूरी समझा था।
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- फोटो : अमर उजाला
अपनी पहुंच और साख के चलते अमनमणि और उसके परिजनों ने ऐसा होने नहीं दिया। सारा सिंह का दोबारा पोस्टमार्टम होना चाहिए था, ताकि जितनी भी शंकाएं थीं उनका निराकरण होता, क्या कारण रहा कि तमाम कवायद और मामा के पत्र के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
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- फोटो : अमर उजाला
हर्ष ने कोर्ट को बताया कि अमनमणि त्रिपाठी ने सारा के साथ मारपीट की थी, उसकी बहन अमनमणि से तलाक लेना चाहती थी। पिटाई के चलते ही उसका गर्भपात हो गया था। उसका इलाज लखनऊ के एक अस्पताल में चल रहा था।
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- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले उसकी मां भी बयान दे चुकी है कि अमनमणि के पिता ने जेल में बैठे ही पूरा षड्यंत्र रचा था ताकि तलाक की स्थिति में उसे अपनी पत्नी को मुआवजा के रूप में अपनी संपत्ति से हिस्सा न देना पड़े।
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सारा सिंह
अधिवक्ता नवनीत ने बताया कि कोर्ट में अमनमणि त्रिपाठी (नौतनवां से निर्दलीय विधायक) देरी से पहुंचा। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि कैफियत एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के चलते अमनमणि की ट्रेन लेट हो गई थी। उधर, बचाव पक्ष के वकीलों ने गवाही के दौरान हर्ष से कई प्रश्न किए।
वहीं, अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन नियत किया है। गौरतलब है कि 9 जुलाई 2015 को अमनमणि और सारा कार से दिल्ली जा रहे थे। फिरोजाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें सारा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई थी।