अदालत ने बुधवार को जैसे ही पत्नी के हत्या में सुहैब इलियासी को उम्रकैद की सजा सुनाई वह जोर से चिल्लाया मै बेगुनाह हूं, मुझे फर्जी मामले में फंसाया गया है। मेरे साथ इंसाफ नहीं हुआ।
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suhaib ilyasi
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इससे पहले निचली अदालत ने 29 मार्च 2011 को सुहैब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धारा के तहत आरोप तय किए थे। इसी आदेश को सुहैब की सास रूकमा सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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उन्होंने हत्या, सुबूत मिटाने सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने की मांग की थी। सुहैब इलिहासी को 90 के दशक में भारत में टेलीविजन पर क्राइम बेस्ड रिएलिटी शो इंडिया मोस्ट वांटेड से शुरुआत करने वाले के तौर पर जाना जाता है।
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एक प्राइवेट टीवी चैनल पर दिखाए जाने वाले अपने इस शो में इलियासी अपराध और अपराधियों को टीवी पर सीरियल में दिखाता था। इस मामले में जांच अधिकारी मनोज ने माना कि आरंभिक जांच में कुछ लापरवाही हुई थी।
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सुहैब ने अंजू की हत्या को आत्महत्या के रूप में जो पटकथा लिखी थी पुलिस ने उसे ही स्वीकार कर लिया। उस समय इलियासी का रूतबा इतना ज्यादा था कि पुलिस उसकी कहानी के जाल में फंस गई।
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मनोज ने कहा कि अंजू के जिस चाकू से आत्महत्या करने का तर्क रखा गया उस पर अंजू के हाथ के निशान नहीं थे। ऐसे मे कैसे हो सकता है कि कोई भी व्यक्ति आत्महत्या करे और उसके निशान न हों।
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इसके अलावा अंजू को डायरी लिखने की आदत थी और वह डायरी अहम साक्ष्य बनी। डायरी में अंजू ने जान को खतरा बताया था। मनोज ने कहा वह संतुष्ट हैं कि आखिर दोषी को सजा मिली।
सरकारी वकील राजीव रंजन ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने सभी साक्ष्यों के आधार पर सुहैब का अपराध बिना शक साबित किया है और अंजू को इंसाफ दिलवाया है। उधर, सुहैब के वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और वे फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।