फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस फेमस एकंर को जब मिली उम्रकैद की सजा तो उसने कोर्ट में बोला कुछ ऐसा कि हैरान हुए सभी

Thu, 28 Dec 2017 10:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
suhaib ilyasi - फोटो : instagram
अदालत ने बुधवार को जैसे ही पत्नी के हत्या में सुहैब इलियासी को उम्रकैद की सजा सुनाई वह जोर से चिल्लाया मै बेगुनाह हूं, मुझे फर्जी मामले में फंसाया गया है। मेरे साथ इंसाफ नहीं हुआ।
विज्ञापन

2 of 8
suhaib ilyasi - फोटो : instagram
इससे पहले निचली अदालत ने 29 मार्च 2011 को सुहैब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धारा के तहत आरोप तय किए थे। इसी आदेश को सुहैब की सास रूकमा सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
विज्ञापन

3 of 8
suhaib ilyasi - फोटो : instagram
उन्होंने हत्या, सुबूत मिटाने सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने की मांग की थी। सुहैब इलिहासी को 90 के दशक में भारत में टेलीविजन पर क्राइम बेस्ड रिएलिटी शो इंडिया मोस्ट वांटेड से शुरुआत करने वाले के तौर पर जाना जाता है।

4 of 8
suhaib ilyasi - फोटो : instagram
एक प्राइवेट टीवी चैनल पर दिखाए जाने वाले अपने इस शो में इलियासी अपराध और अपराधियों को टीवी पर सीरियल में दिखाता था। इस मामले में जांच अधिकारी मनोज ने माना कि आरंभिक जांच में कुछ लापरवाही हुई थी।
विज्ञापन

5 of 8
suhaib ilyasi
सुहैब ने अंजू की हत्या को आत्महत्या के रूप में जो पटकथा लिखी थी पुलिस ने उसे ही स्वीकार कर लिया। उस समय इलियासी का रूतबा इतना ज्यादा था कि पुलिस उसकी कहानी के जाल में फंस गई।
विज्ञापन

6 of 8
suhaib ilyasi
मनोज ने कहा कि अंजू के जिस चाकू से आत्महत्या करने का तर्क रखा गया उस पर अंजू के हाथ के निशान नहीं थे। ऐसे मे कैसे हो सकता है कि कोई भी व्यक्ति आत्महत्या करे और उसके निशान न हों।
विज्ञापन

7 of 8
suhaib ilyasi
इसके अलावा अंजू को डायरी लिखने की आदत थी और वह डायरी अहम साक्ष्य बनी। डायरी में अंजू ने जान को खतरा बताया था। मनोज ने कहा वह संतुष्ट हैं कि आखिर दोषी को सजा मिली।
विज्ञापन

8 of 8
suhaib ilyasi
सरकारी वकील राजीव रंजन ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने सभी साक्ष्यों के आधार पर सुहैब का अपराध बिना शक साबित किया है और अंजू को इंसाफ दिलवाया है। उधर, सुहैब के वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और वे फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें