बलात्कारी बाबा की सजा के बाद सेक्स रैकेट चलाने वाला बाबा दिल्ली में गिरफ्तार
Tue, 29 Aug 2017 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
सार
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवती से 13 लाख ऐंठने का आरोप
पीड़ित का साक्षात्कार लिया व फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ट्रेनिंग भी कराई
सहयोगी महिला गिरफ्तार, साथियों की तलाश में पुलिस दे रही दबिश
पुलिस ने ठगी के आरोप में इच्छाधारी बाबा उर्फ भीमानंद उर्फ शिवा को एक महिला के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर एक युवती से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 13 लाख रुपये ठगने का आरोप है। पुलिस इसके साथियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है। डीसीपी रोमिल बानिया के अनुसार, रोहिणी निवासी रितू शर्मा मार्केटिंग में मास्टर डिग्री होल्डर है। उसने अमर कॉलोनी थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
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- फोटो : अमर उजाला
इसमें कहा था कि महिला कनिका व भीमानंद ने उससे आईआरसीटीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 13 लाख रुपये ठगे हैं। आरोपियों ने रितू का साक्षात्कार लिया और उसे फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ट्रेनिंग भी कराई। इसके बाद आरोपियों ने उसका फोन उठाना बंद दिया। रितू की शिकायत पर मामला दर्जकर अमर कॉलोनी थानाध्यक्ष उदयवीर सिंह की देखरेख में एसआई गुरजीत व सचिन लोहिया की टीम बनाई गई।
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टीम ने जांच के बाद भीमानंद और कनिका को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को दो-दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। पुलिस अधिकारियों की मानें तो आरोपी तीन लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। कनिका ठगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। उसके कब्जे से फर्जी नियुक्त पत्र समेत अन्य कागजात मिले हैं। पुलिस इनके तीन साथी अनिकेत, आर्यन और श्रीकांत को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।
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वेश्यावृति रैकेट चलाने में पहले गिरफ्तार हो चुका है बाबा: इच्छाधारी बाबा कुछ वर्ष पहले वेश्यावृति रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद सुर्खियों में आया था। बाबा ने नेबसराय थाना इलाके में आश्रम खोल रखा था।
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साकेत थाना पुलिस ने बाबा के खिलाफ मकोका भी लगाया था। वर्ष 2014 में उसे जमानत मिल गई थी। इच्छाधारी बाबा पिछले डेढ़ वर्ष से अमर कॉलोनी थाना इलाके में रह रहा था। रितू इच्छाधारी बाबा की भक्त थी। इच्छाधारी बाबा ने ही रितू को कनिका के पास भेजा था।
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खुद को साईं का अवतार बताता था इच्छाधारी बाबा ठगी के आरोप में गिरफ्तार इच्छाधारी बाबा उर्फ भीमानंद खुद को साईं बाबा का अवतार बताता था। जेल से बाहर आने के बाद से ही उसने लोगों को अपना भक्त बनाना शुरू कर दिया था । वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से अमर कॉलोनी इलाके में रह रहा था। यहां पर काफी भक्त भी आने लगे थे। ठगी की शिकार युवती रितू भी पूजा-पाठ के लिए बाबा भीमानंद के पास आती थी। भीमानंद ने ही रितू को कनिका से मिलवाया था। बाबा लोगों के घरों में पूजा-पाठ करने भी जाता था। पुलिस अधिकारियों की मानें तो बाबा ने अपना सामाज्य फिर से खड़ा करना शुरू कर दिया था।
गौरतलब है कि मूलरूप से चित्रकूट के चमरौहा गांव का रहने वाले बाबा भीमानंद को 2009 में साकेत थाना पुलिस ने वेश्यावृति रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 2014 में भीमानंद को जमानत मिल गई थी। भीमानंद का असली नाम शिवमूरत द्विवेदी है। वह 1988 में दिल्ली के नेहरू प्लेस स्थित एक पांच सितारा होटल में गार्ड की नौकरी करता था। करीब 12 वर्ष में ही भीमानंद ने करोड़ों की संपत्ति बना ली। बाबा की की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय ने 2015 में जब्त कर ली थी। खानपुर इलाके में उसका मकान मंदिर के रूप में बदल गया था। बाबा पर आरोप लगे थे कि इस मंदिर रूपी मकान से वेश्यावृति रैकेट का संचालन हो रहा था। उसके तीन बैंक खातों से 90 लाख रुपये और तीन लग्जरी कारें मिली थीं। बताया जा रहा है कि बाबा ने दिल्ली के बदरपुर में साईं मंदिर बनाया था।