सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली पर रात आठ से 10 बजे तक आतिशबाजी करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद राज्य सरकार की तरफ से शासनादेश जारी किया गया, जिसका संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए।
कोर्ट के निर्णय में दिए गए नियमों का पालन करने के लिए आतिशबाजी के लिए खुले मैदान व कॉलोनियों के पार्क निर्धारित किए। साथ ही पटाखों की बिक्री हेतु सात थाना क्षेत्रों में विशेष जगह चिन्हित की थी। आदेश में थानाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय की गई थी कि वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराना सुनिश्चित करें।
कोर्ट के निर्णय पर आतिशबाजी के लिए राम आठ से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था। पालन की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर थाना पुलिस को सौंपी गई थी। खासकर कवि नगर व सिहानी गेट की कॉलोनियों में रात एक बजे के बाद तक भी आतिशबाजी होती रही।
डीएम रितु माहेश्वरी ने मामले का संज्ञान लेते हुए सभी थानाध्यक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एडीएम सिटी हिमांशु गौतम का कहना है कि पहले सिर्फ सिहानी गेट और थाना कविनगर को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अब जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जिले के सभी थानाध्यक्षों से जवाब तलब किया जाए, जिसके बाद प्रशासन ने सभी को नोटिस जारी किया है। उधर, बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न होने पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गाजियाबाद व नोएडा जिला प्रशासन से जवाब मांगा है।