महिला से छेड़छाड़ व धमकी देने के मामले में आरोपी स्वामी ओम की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि स्वामी पर गंभीर आरोप हैं अगर उसे जमानत मिलती है तो वह जांच को प्रभावित कर सकता है। स्वामी ओम पर एक महिला से छेड़छाड़ व धमकी देने का आरोप है।
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तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने स्वामी ओम की अग्रिम जमानत पर अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को खारिज कर दी। अदालत ने जमानत मिलने पर वह शिकायतकर्ता व गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
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विगत सुनवाई में अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा था कि घटना वाले दिन 7 फरवरी को उनका मुवक्किल स्वामी ओम पुलिस सुरक्षा मांगने के सिलसिले में दरियागंज स्थित डीसीपी कार्यालय में था।
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- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज पेश करने का निर्देश दिया था। अदालत ने फुटेज पेश न किए जाने तक स्वामी ओम को गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया था।
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स्वामी ओम ने सलमान पर लगाया आरोप
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सीसीटीवी का केवल 15 दिन फुटेज रिकॉर्ड में रखा जाता है। फुटेज के लिए सीसीटीवी का डाटा रिकवर करवाना होगा। कोर्ट ने इसके लिए पुलिस को छह दिन का समय दिया था।
आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर स्वामी ओम व स्वामी संतोष आनंद के खिलाफ छेड़छाड़ व धमकी देने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। महिला का आरोप था वह सात फरवरी को वह अपने घर लौट रही थी। राजघाट के नजदीक इन आरोपियों ने उसका रास्ता रोका और उससे गालीगलौज की।