फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता आयुर्वेद, कोरोना संक्रमण से कर सकता है बचाव

Wed, 04 Mar 2020 05:32 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
फाइल फोटो
कोरोना संक्रमण को लेकर पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। दिल्ली में भी अब 28 पॉजीटिव मामले सामने आ चुके हैं। ये स्थिति तब है जब न तो इस बीमारी का कोई उपचार है न कोई विशेष दवा। ऐसे में आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत बनाने से कोरोना वायरस से बचाव किया जा सकता है।

विज्ञापन

2 of 5
फाइल फोटो - फोटो : ayurveda
प्रशांत विहार स्थित उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुर्वेदिक पंचकर्मा अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी पाराशर बताते हैं कि जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हो, वे आसानी से इसकी गिरफ्त में आ सकते हैं। सर्दी के मौसम में शरीर की इम्युनिटी वैसे ही कमजोर हो जाती है जिससे बीमार पडने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए तुलसी, अदरक, लोंग, कालीमिर्च, सौंठ, गिलोय व छोटी पिप्पली को दूध चाय या पानी में उबालकर दिन में दो तीन बार पीने से इम्यूनिटी में वृद्धि होती है।

विज्ञापन

3 of 5
फाइल फोटो
सौंठ, काली मिर्च व पिप्पली की गोली त्रिकटु के नाम से बाजार में उपलब्ध है। गिलोय अथवा गुडुची की गोली भी आयुर्वेदिक दवाओं की दुकान से आसानी से मिल सकती है। वहीं आयुष मंत्रालय की समिति के सदस्य डॉ. एमके तनेजा बताते हैं कि समुद्री भोजन व मांसाहार से परहेज रखें।
 

4 of 5
कोरोना वायरस के बढ़ते हुए खतरे के मद्देनजर उत्तर रेलवे के केंद्रीय अस्पताल, नई दिल्ली में एक अलग वार्ड तैयार रखा गया है - फोटो : नवनीत शरण
जब भी अपने घर या ऑफिस पहुंचे तो कम से कम 20 सेंकड तक अपने हाथों को बेहतर साबून से साफ करें। टिश्यू का इस्तेमाल करें। एक बार टिश्यू का इस्तेमाल करने पर दोबारा उसे प्रयोग में नहीं लाएं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
डॉ. पाराशर बताते हैं कि दूध में हल्दी, मुनक्का व खजूर उबालकर लेने से इम्यूनिटी के स्तर में तुरंत सुधार होता है। बच्चों व बुजुर्गों के लिए इनका प्रयोग विशेष रूप से प्रभावी है। गिलोय, भुंई आंवला, संतरा, मौसमी, अंगूर व आंवले का प्रयोग इनदिनों नियमित रूप से करना चाहिए। इनसब के अलावा चिकित्सक की सलाह पर आयुर्वेदिक दवाओं में तालीशादिचूर्ण, सितोपलादि चूर्ण, लक्ष्मी विलास रस, चंद्र अमृत रस, टंकण भस्म, वासावलेह, अगस्त्य हरीतकी आदि दवाओं का सेवन भी कर सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें