उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शुक्रवार को दिल्ली में मीडिया से रूबरू हुए और अपनी सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और साढ़े सात महीने के कार्यकाल में फरफॉरमेंस का खाका पेश किया। राज्य में लोकायुक्त को लेकर सीएम का कहना है कि मेरी सोच है कि इसकी जरूरत ही न पड़े। बड़े भ्रष्टाचार को हमारी सरकार ने रोका है। इसे रोकथाम से ही बचा जा सकता है।
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trivendra singh rawat
सीएम मानते हैं कि इतने कम समय में कोई उपलब्धि बता पाना कठिन है लेकिन केंद्र सरकार की मदद से ऑलवेदर रोड को मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस और ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल लाइन की बाधाएं दूर होने से राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी।
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सीएम का कहना है कि उनकी सरकार में ट्रांसफर, पोस्टिंग, खनन और बिल्डरों के ठेके को लेकर पारदर्शिता है। सीएम बनते ही ऊधमसिंह नगर में भूमि घोटाले में छह पीसीएस अधिकारियों को निलंबित करने और समाज कल्याण विभाग, गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर एसआईटी को जांच सौंपी। पुराने फैसलों पर उनका निशाना पूर्व सीएम हरीश रावत पर तो नहीं है के जवाब में सीएम ने कहा कि ये तो नहीं कह सकता जांच चल रही है। उनकी सरकार में रडार पर कोई व्यक्ति नहीं बल्कि करप्शन है।
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सीएम ने बताया कि ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कनवेंशन सेंटर बनेगा। जिसे लेकर शुक्रवार को दिल्ली में बैठक थी। इसके लिए आईडीपीएल प्रस्तावित है। सेंटर में तीन बड़े होटल के साथ सात कनवेंशन हॉल होंगे।
पर्यटकों को ध्यान में रखकर गंगा का किनारा भी विकसित करेंगे। राज्य के पुराने पर्यटक स्थलों में भीड़ को देखते हुए 13 नए पर्यटक स्थल विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश से हरिद्वार को जोड़ने के लिए गंगा के ऊपर से रोप-वे प्रस्तावित है।