मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करने के बाद मैने अपने कर्मचारियों में से सात सौ कर्मचारी कम कर दिए थे। वीआईपी कल्चर में जो स्पेशल अधिकारियों की बड़ी संख्या लगी हुई है, सुरक्षा के लिए जरूरी को छोड़कर, बाकी को कम किया जाना चाहिए।
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- फोटो : अमर उजाला
अन्य प्रदेशों ने इसे अब अपनाया है और मैं इसका स्वागत करता हूं। मेरा मानना है कि सरकार का जो पैसा है वह जनता का पैसा है, तो जनता का पैसा अधिक से अधिक जनता के हित में लगे, एक सीमा से अधिक या आवश्यकता से अधिक धन कहीं भी नहीं लगना चाहिए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अन्य प्रदेशों में वीआईपी कल्चर खत्म किए जाने के सवाल पर यह जवाब दिया।
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मेट्रो ट्रेन में फरीदाबाद से दिल्ली का सफर कर रहे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अवैध स्लॉटर हाउस, वीआईपी कल्चर, जैसे विषयों पर अपनी बेबाक राय रखी। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर के लाल बत्ती त्यागने और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के अपने काफिले को छोटा किए जाने के प्रश्न पर सीएम ने कहा कि वह भी मेट्रो में सफर कर रहे हैं जोकि वीआईपी कल्चर खत्म करने का हिस्सा है। वह भी शताब्दी, वॉल्वो से आम आदमी की तरह यात्रा कर चुके हैं। चंडीगढ़ से करनाल तक का सफर वह वॉल्वो बस से कर चुके हैं, ऐसा अवसर जब भी मिलता है वह इस तरह सफर करते हैं। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुधार के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सरकार ने विस्तृत योजना तैयार की है। दिल्ली से कुंडली (सोनीपत)फरीदाबाद-गुरुग्राम, गुरुग्राम से मानेसर व बावल, चंडीगढ़ से पंचकूला के बीच मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना तैयार की गई है। करनाल, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सिटी बस सर्विस को मजबूत किया जाएगा। मेट्रो में उनके साथ भूमि सुधार विकास निगम के चेयरमैन अजय गौड़ मौजूद रहे।
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प्रदेश में पहले से ही अवैध हैं स्लॉटर हाउस
उत्तर प्रदेश में अवैध स्लॉटर हाउस पर पाबंदी की कार्रवाई क्या हरियाणा में भी की जाएगी इस सवाल पर उनका कहना था कि प्रदेश में यह पहले से ही अवैध है। प्रदेश में बिना लाइसेंस के कहीं भी कोई काम नहीं हो रहा है। प्रदेश सरकार ने गोसंवर्धन और संरक्षण का बड़ा सख्त कानून बनाया है इसकेे अंतर्गत अवैध प्रकार का कोई काम नहीं हो सकता। स्लाटर हाउस का लाइसेंस सरकार की ओर से नहीं जारी किए जाने के प्रश्न पर सीएम ने कहा कि जितने भी बड़े उद्योग हैं वह बिना लाइसेंस के काम नहीं कर रहे हैं, हां कुछ छोटे मोटे कारोबारी बिना लाइसेंस काम कर रहे हैं उनके लिए मुश्किल होगी।
लेकिन वाआईपी कल्चर दिखा हावी
सीएम भले ही वीआईपी कल्चर को खत्म करने की बात कर रहे हों, लेकिन सोमवार को उनके मेट्रो के सफर में यह कल्चर हावी दिखा। सीएम यदि दिल्ली से आते तो उन्हें एक ही कारगेड का प्रयोग करना पड़ता, लेकिन मेट्रो से के शेड्यूल के लिए दो कारगेड लगानी पड़ी। एक फरीदाबाद में थी तो दूसरी दिल्ली में। उनके साथ वाहनों का काफिला भी दिखा। वहीं, बताया जा रहा है कि स्टेशन पर सीएम के इंतजार में मेट्रो भी कुछ देर के लिए रोककर रखी गई।