class 9 girl suicide
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बाथरूम में लगा समय तो खड़ा कर दिया बेंच पर
देश में एक तरफ तो लोगों को जागरूक करने के लिए पैडमैन जैसी फिल्में बनाई जा रही हैं और दूसरी ओर समाज की दिशा तय करने वाले शिक्षक ही समाज को पीछे धकेल रहे हैं। माता-पिता का आरोप है कि छात्रा को मासिक धर्म हुआ था तो वह बाथरूम में गई थी। उसे वहां पर समय लगा और जब वापस आई तो शिक्षक ने कई बार पूछा कि क्या हुआ था जो बाथरूम में इतना समय लगा। छात्रा ने कई बार शिक्षक को इशारों में बताया, लेकिन उसने जानबूझकर उससे मासिक धर्म की बात कहलवाई और फिर भी बेंच पर खड़ा कर दिया। इस कारण अगले दिन छात्रा ने स्कूल जाने से इंकार कर दिया था, लेकिन माता-पिता ने उसे समझाकर फिर स्कूल भेज दिया था। इस संबंध में समाज सेवी डॉक्टर आनंद आर्य कहते हैं कि मासिक धर्म महिलाओं के लिए एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसे लेकर खराब मानसिकता को दूर करने के लिए पैडमैन जैसी फिल्मों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन कोई शिक्षक छात्रा को अपमानित करता है तो कार्रवाई होनी चाहिए।