दिल्ली पुलिस और वकीलों में झड़प
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वकीलों ने कोर्ट परिसर में खड़ी पुलिस की आठ बसों में तोड़फोड़ कर दी। वहीं एक जिप्सी व 13 बाइकों को आग के हवाले कर दिया। यही नही मीडिया कर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की के अलावा उनके मोबाइल छीन लिए गए। बाहर वीडियो बना रहे आम लोगों के मोबाइल भी छीन लिए गए। वकीलों का आरोप था कि दो वकीलों को गोली लगी है। हमले में कई महिला वकीलों को चोट लगी है। बवाल की सूचना मिलते ही जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह व उपायुक्त मोनिका भारद्वाज मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी बदसलूकी हुई। कुछ समय के लिए वकीलों ने कोर्ट पर कब्जा कर लिया। वकील कोर्ट के अंदर व पुलिस बाहर मौजूद रही।
हालात बिगड़ते देखकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आसपास के सभी थानों के अलावा दूसरे जिलों से फोर्स बुला ली। स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर नॉर्थ संजय सिंह, संयुक्त आयुक्त मनीष कुमार अग्रवाल, आलोक कुमार समेत कई पुलिस उपायुक्त मौके पर पहुंचे। शाम पांच बजे किसी तरह कोर्ट में दाखिल होकर पुलिसकर्मियों ने वकीलों को खदेड़ा। इसके बाद दमकल की गाडिय़ां भी कोर्ट परिसर में दाखिल हो पाई। देर शाम तक पुलिस वकीलों को समझाने में लगे थे। वकील सोमवार से दिल्ली के सभी कोर्ट में अपना काम बंद करने बात कर रहे थे। वकीलों की मांग थी कि अगर आरोपी पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर उन्हें गिरफ्तार नही किया गया तो वह पूरी राजधानी के कोर्ट का काम बंद कर देंगे।