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Chaiti Chhath: यमुना की बदहाली से व्रती निराश, कीचड़ में गिरते-पड़ते नदी तक पहुंचे... पानी भी है बदबूदार

Thu, 03 Apr 2025 10:07 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा

सार

पावन पवित्र चैती छठ, जहां व्रती पूरे व्रत के दौरान सबसे ज्यादा स्वच्छता का ध्यान रखती हैं। यहां तक कि पूजा के लिए तैयार होने वाला प्रसाद भी स्वच्छ मिट्टी के बने चूल्हे पर तैयार किया जाता है। साफ जल का उपयोग किया जाता है। ऐसे पवित्र छठ में भी उन्हें यमुना के गंदे पानी में उतरकर ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य देना पड़ा।
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चैती छठ की पूजा करतीं व्रती महिलाएं - फोटो : फोटो लाल सिंह
चैती छठ पर नोएडा और दिल्ली के श्रद्धालुओं ने यमुना नदी के गंदे पानी में ही पूजा की। कीचड़ में फंसकर तो कुछ महिलाओं ने बाहर खड़े होकर ही पूजा की। कालिंदी कुंज में यमुना में ना के बराबर पानी नजर आ रहा है। चैती छठ पर पूजा करने वाले भक्त भगवान भास्कर (सूर्य) को अर्घ्य देते हैं। छठ महापर्व साल में दो बार कार्तिक छठ और चैती छठ के रूप में मनाया जाता है।
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चैती छठ की पूजा करतीं व्रती महिलाएं - फोटो : फोटो लाल सिंह
चैती छठ करने वाले लोगों की संख्या कार्तिक मास में होने वाले छठ महापर्व के मुकाबले कम है। इसे मुख्य रूप से बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोग मनाते हैं, लेकिन चैती छठ को लेकर प्रशासन की तरफ से कोई तैयारी नहीं की गई है। हालिंकि कुछ पुलिस कर्मी व्रतियों को रोकते नजर आए। इस बार नोएडा की तरफ यमुना बिल्कुल सूखी थी, इसलिए लोगों ने दिल्ली की तरफ पूजा की।  
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चैती छठ की पूजा करतीं व्रती महिलाएं - फोटो : फोटो लाल सिंह
व्रतियों ने दिया डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य
नोएडा शहर में बृहस्पतिवार को चैती छठ के पर्व के दौरान डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान कई लोग यमुना में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। छठव्रतियों ने शुद्ध आम की लकड़ी से आग जलाकर मिट्टी के चूल्हे पर प्रसाद तैयार किया और निर्जला व्रत रखते हुए चैती छठ मनाई। इस दौरान सेक्टर सोसाइटियों से लेकर यमुना घाट में रौनक दिखी।

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चैती छठ की पूजा करतीं व्रती महिलाएं - फोटो : फोटो लाल सिंह
अखिल भारतीय प्रवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया कि इस दौरान छठ व्रतियों ने गेहूं का आटा, घी और शक्कर का ठेकुआ तथा चावल, घी और शक्कर का लड्डू प्रसाद के लिए बनाए। इसके बाद बांस के बने सूप, डाला, दौरा में सभी प्रकार का प्रसाद रखा गया। प्रसाद के रूप में सेब, केला, नारंगी, अमरूद, डाभ सहित सभी प्रकार का फल,ईख, पानी में फलने वाला सिंघाड़ा, मूली, सुथनी, सकरकंद,कच्चा नारियल आदि रखकर यमुना किनारे कालिंदी कुंज के घाट पर पहुंचे।
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चैती छठ की पूजा करतीं व्रती महिलाएं - फोटो : फोटो लाल सिंह
जहां सूर्यास्त से पूर्व हाथ में प्रसाद रखा हुआ सूप, डाला, दौरा लेकर छठव्रती छठघाट में प्रवेश करते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया गया। इसके साथ ही सेक्टर सोसाइटियों में चैती छठ की धूम रही। जहां स्वीमिंग पूल पर उतरकर व्रती महिलाओं ने ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके साथ ही विधि विधान से पूजा अर्चना भी की गई।   
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