स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती
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बिगड़े मामले को संभालती थी वार्डन
दिल्ली पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि वार्डन छात्राओं को आरोपी के पास नहीं ले जाती थीं। आरोपी उन्हें खुद बुलाता था। जब कोई मामला बिगड़ जाता था या फिर कोई पीड़िता शिकायत करने की बात कहती थी तो वार्डन समझाती थी और मामले को शांत करती। हालांकि अभी तक तीन वार्डंन पीड़िताओं को आरोपी के पास ले जाती थी, ऐसी बात शुरूआती जांच में सामने नहीं आई है।