डीएम आवास पर बुधवार को हुई सीबीआई की छापेमारी के राज परत दर परत खुलना अभी बाकी हैं। अब, सीबीआई के छापे के दौरान बरामद हुई इतनी रकम आवास में कहां से आई और दस्तावेजों में क्या छिपा था, यह भी अभी जांच के गर्त में छिपा है। बता दें कि बुधवार सुबह करीब सात बजे सीबीआई की टीम ने डीएम आवास पर छापेमारी की थी। करीब आठ घंटे तक डीएम के आवास में रही टीम दोपहर करीब तीन बजे नोटों से भरा बैग और दस्तावेजों की पोटली अपने साथ लेकर रवाना हो गई थी।
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बुलंदशहर डीएम के घर पर सीबीआई का छापा
- फोटो : अमर उजाला
पूरे प्रकरण में कुछ बातें अचंभित करने वाली हैं। आईएएस अभय सिंह ने छापे के चार घंटे बाद अपना बयान जारी किया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि सीबीआई की टीम फतेहपुर तैनाती के दौरान हुए खनन पट्टों की जांच के लिए आई थी। साथ ही आईएएस अभय सिंह ने बताया था कि इस संबंध में टीम को उन्होंने जानकारी दी थी कि विवादित पट्टे उनके कार्यकाल में नहीं किए गए।
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बुलंदशहर डीएम के घर पर सीबीआई का छापा
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यदि, टीम केवल फतेहपुर खनन पट्टों की जांच के लिए आई थी तो रुपयों की बरामदगी किस तरह से हुई। करीब 49 लाख रुपये की रकम बुलंदशहर डीएम के आवास में कैसे पहुंची? यदि आईएएस अभय सिंह के कार्य में इन रुपयों को लेकर सही इनपुट उपलब्ध नहीं कराया गया तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?
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बुलंदशहर डीएम के घर पर सीबीआई का छापा
- फोटो : अमर उजाला
साथ ही जो दस्तावेज बरामद हुए हैं, उनमें क्या लिखित है या फिर वह दस्तावेज किन मामलों से संबंधित हैं। ऐसे बहुत से सवाल हैं जो कि सीबीआई छापेमारी के जवाब की तलाश में है। अधिकारी पूरे मामले में अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं।
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बुलंदशहर जिलाधिकारी अभय सिंह
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डीएम ने जारी किया बयान, बोले- नहीं मिली है कोई अघोषित संपत्ति
सीबीआई टीम के जाने के करीब चार घंटे बाद जिलाधिकारी ने अपना बयान जारी किया है। उसमें उन्होंने सीबीआई टीम के आने की जानकारी देते हुए कहा है कि टीम फतेहपुर में हुए खनन पट्टों की जांच के लिए आई थी। बरामद हुई संपत्ति का पूर्ण विवरण टीम को उपलब्ध करा दिया गया है। बताया कि सीबीआई फतेहपुर में हुए खनन पट्टों के संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए पहुंची थी। इस दौरान टीम को अवगत कराया गया कि जिन पट्टों की जांच चल रही है, वह जनपद फतेहपुर में उनकी तैनाती के दौरान नहीं किए गए हैं।
डीएम ने बताया कि सीबीआई टीम का आना जनपद फतेहपुर में हुए खनन पट्टों की जांच प्रक्रिया थी, न कि जनपद बुलंदशहर में तैनाती के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता व प्रतिकूलता की जांच करना था। साथ ही उन्होंने बताया कि इस दौरान 47 लाख रुपये की नगदी की बातें सामने आ रही हैं। मेरे पास से कोई अघोषित संपत्ति बरामद नहीं हुई है। जो धनराशि मिली है, उसका पूर्ण विवरण सीबीआई टीम को उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों व योजनाओं का क्रियान्वयन जनपद में पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।