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तस्वीरें: 2019 लोकसभा चुनाव से पहले एंटी मोदी ट्रायल था ये चुनाव

Mon, 17 Sep 2018 02:52 AM IST
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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JNUSU elections
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में वामपंथी संगठनों का गठबंधन 2019 लोकसभा चुनाव से पहले ट्रायल माना जा सकता है। बीजेपी व आरएसएस से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी को हराने के मकसद से ही वापमंथी छात्र संगठनों ने गठबंधन किया और एबीवीपी के वोट बैंक में सेंध लगाई। गठबंधन में लेफ्ट जीत गया पर एबीवीपी रनर अप रहने में कामयाब रही। एबीवीपी ने मजबूती के साथ आखिर तक टक्कर दी और अपने वोट बैंक में बढ़ोतरी करवाई। 
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सेंट्रल पैनल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव व संयुक्त सचिव अपनी जीत के साथ ही मतदाताओं को बीजेपी और आरएसएस से मुक्ति दिलाने का वायदा कर रहे हैं। अध्यक्ष एन साई बालाजी कहते हैं कि सेंट्रल पैनल आगामी दिनों में देशभर के विश्वविद्यालयों में एंटी मोदी, बीजेपी भगाओ -देश बचाओ के नाम से छात्र आंदोलन शुरू करने जा रहा है।
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छात्र आंदोलन 2019 लोकसभा चुनावों पर फोकस होगा। इसमें रोजगार, उच्च शिक्षा का निजीकरण, विश्वविद्यालय में एबीवीपी की गुंडागर्दी, आरक्षण खत्म करना, संस्थानों को स्वायत्तता, हिंदू-मुस्लिम को बांटने की राजनीति जैसे मुद्दों को शामिल किया जाएगा।

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बालाजी कहते हैं कि लेफ्ट गठबंधन से जेएनयू से एबीवीपी को बाहर कर दिया। यह लोकसभा चुनाव से पहले का ट्रायल था। ऐसे ही गठबंधन से लोकसभा चुनावों में मोदी को बाहर करेंगे। मोदी लहर खत्म करने के लिए सभी छात्र संगठनों व दलों को साथ आना जरूरी है। 
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मतदाता एबीवीपी पर जता रहे भरोसा  
छात्रसंघ व एबीवीपी के पूर्व पदाधिकारी सौरभ कहते हैं कि लाल दुर्ग में एआईएसएफ, डीएसएफ, आइसा, एसएफआई गठबंधन के अध्यक्ष प्रत्याशी एन साई बालाजी को 2161 वोट मिले, जबकि एबीवीपी प्रत्याशी ने 982 वोट हासिल किए। यदि लेफ्ट के चारों संगठन अलग चुनाव लड़ते तो एबीवीपी सीधे जीत दर्ज करता।  
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