हालांकि मुद्दा एक था तो आपसी मतभेद भूलते हुए सभी छात्र संगठन जेएनयू प्रबंधन के खिलाफ खड़े हुए और विरोध दर्ज करवाया। छात्रों की इस लड़ाई में शिक्षक भी आ खड़े हुए हैं। एबीवीपी के अध्यक्ष दुर्गेश कुमार के मुताबिक, छात्र संगठनों के मतभेद अलग हो सकते हैं।