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जामिया लाइब्रेरी के अंदर आंसू गैस छोड़ने और लाठीचार्ज के विरोध में छात्र कर रहे अर्धनग्न प्रदर्शन

Mon, 16 Dec 2019 12:25 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून 2019 के विरोध में इस समय पूरे भारत में प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तर-पूर्वी भारत से होता हुआ यह विरोध-प्रदर्शन दिल्ली और मुंबई तक पहुच गया है। रविवार(15 दिसंबर) को देश की राजधानी दिल्ली में जामिया के छात्रों ने प्रदर्शन किया जिसने हिंसक रूप ले लिया। वहीं दिल्ली पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्थित लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।

इसी के विरोध में आज जामिया का रिसर्च स्कॉलर शहजाद बिना कपड़ों के दो घंटे तक प्रदर्शन करता रहा। लोगों ने जब बहुत समझाया-बुझाया तब जाकर दो घंटे बाद उसने कपड़े पहने। उसके इस प्रदर्शन के बाद कई जामिया के छात्र अब बिना शर्ट के पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जानिए क्या है पूरा मामला....
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प्रदर्शन पर बैठा छात्र शहजाद - फोटो : एएनआई
गौरतलब है कि जामिया के छात्र सोमवार सुबह से ही दिल्ली पुलिस के खिलाफ बिना शर्ट के प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उन पुलिसवालों पर कार्रवाई हो जिन्होंने लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। बता दें कि जामिया के रिसर्च छात्र शहजाद कल लाइब्रेरी में हुई पुलिस की कार्रवाई से बेहद आहत थे और सोमवार सुबह उन्होंने जामिया के गेट पर बिना शर्ट पहने प्रदर्शन शुरू कर दिया। कड़ाके की ठंड में प्रदर्शन कर रहे शहजाद को जब समझाया गया तो करीब दो घंटे सात मिनट बाद उन्होंने कंबल ओढ़ा और फिर कपड़े पहने।
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प्रदर्शन पर बैठा छात्र शहजाद - फोटो : एएनआई
शहजाद के इसी प्रदर्शन से प्रेरित हो अब जामिया के कई छात्र बिना शर्ट पहने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वह पुलिस हाय-हाय! के नारे लगा रहे हैं। साथ ही पुलिस की बर्बरता पर कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं। वहीं छात्रों का ये भी पूछना है कि आखिर पुलिस बिना अनुमति कैसे कैंपस के अंदर घुसी।

रविवार को जामिया की लाइब्रेरी में क्या हुआ था
जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्थित लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं ने दिल्ली पुलिस पर आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के बगैर दिल्ली पुलिस कैंपस से होते हुए लाइब्रेरी पहुंची, जहां सौ से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे। छात्रों के मुताबिक, पुलिस ने शौचालयों में जाकर भी लाठीचार्ज किया। इसमें कई छात्रों को गंभीर चोट आई है।

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अर्धनग्न प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : सोशल मीडिया
अचानक हुए हमले से घबराए विद्यार्थी....
अचानक हुए हमले से घबराए विद्यार्थी इधर-उधर भागने लगे। छात्र-छात्राएं लाइब्रेरी के ऊपरी मंजिल की ओर भागे, लेकिन यहां भी आंसू गैस के चलते छात्रों ही हालत खराब हो गई। कई छात्र लाइब्रेरी की खिड़की के शीशे तोड़कर बाहर निकले। क्योंकि, मुख्य गेट पर पुलिस आंसू गैस के गोल बरसा रही थी। छात्रों का कहना है कि उन्होंने लाइब्रेरी के वीडियो भी बनाए हैं।
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छिपते हुए छात्र - फोटो : अमर उजाला
छात्राओं ने सोशल मीडिया पर ऑडियो और वीडियो अपलोड कर विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस आयुुक्त से मदद मांगी। इसी से विश्वविद्यालय प्रशासन को लाइब्रेरी में पुलिस के आंसू गैस और लाठीचार्ज की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत पुलिस अधिकारियों से कैंपस से बाहर जाने का आदेश दिया।
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बेंच के नीचे छिपकर बैठे - फोटो : अमर उजाला
छात्रों का यह भी आरोप है कि वह लाइब्रेरी से घर जाने के लिए दोनों हाथ ऊपर करके निकले। छात्र छात्राओं के साथ रहे, ताकि पुलिस उन पर लाठीचार्ज न कर सके। बावजूद इसके, लाठीचार्ज किया गया। इसके साथ ही दूसरी बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से बिना अनुमति कैंपस में छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज करने पर आपत्ति जताई है।
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- फोटो : अमर उजाला
बिना अनुमति कैंपस में घुसी पुलिस: चीफ प्रोक्टर
जामिया के चीफ प्रोक्टर वसीम अहमद खान ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना अनुमति कैंपस में घुसी और शिक्षकोें व पढ़ाई कर रहे छात्रों को पीटा व उन्हें वहां से बाहर निकाल दिया। विश्वविद्यालय की वीसी नजमा अख्तर ने घटना की निंदा करते कहा कि जो छात्र लाइब्रेरी में थे, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
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