दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की मानें तो बुराड़ी में 11 लोगों की मौत शायद घर के एक या दो सदस्यों के दिमाग की उपज है। पड़ोसियों के मुताबिक, शनिवार रात तक परिवार के सभी लोग एकदम नॉर्मल थे। यहां तक कि ध्रुव व शिवम भी पड़ोसी कुलदीप के बच्चों के साथ रविवार को खेलने का प्रोग्राम बना रहे थे।
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एक ही रात में ऐसा क्या हुआ कि सभी ने मौत को गले लगा लिया या वह किसी साजिश के शिकार हो गए। पड़ोसियों का कहना है कि बड़ा भाई भूपी बेहद धार्मिक प्रवृति का था। कुछ तंत्र-मंत्र पर भी वह यकीन रखता था। यही नहीं, भूपी अपने घर में अक्सर भजन-कीर्तन भी करता था। कहीं ऐसा तो नहीं, किसी तंत्र-मंत्र के चक्कर में उसने ही पूरा कांड रच लिया और परिवार का कोई सदस्य इसमें शामिल रहा हो। इस पहलू से भी पुलिस छानबीन कर रही है।
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पुलिस की मानें तो मूल रूप से चित्तौड़गढ़ का रहने वाला नारायण देवी का परिवार करीब 30 साल से बुराड़ी में रह रहा था। बड़ा बेटा दिनेश कोटा, राजस्थान में रहता है। वह वहां सिविल कांट्रेक्टर है। दूसरी बेटी सुजाता पानीपत के धूप सिंह नगर में पति प्रवीन, बेटे केतन व एक बेटी के साथ रहती है। यहां दिल्ली में रहने वाली भूपी की बेटी मोनू एमएससी करने के अलावा फॉरेंसिक की तैयारी कर रही थी।
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वह बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती थी। वहीं भूपी की दूसरी बेटी नीतू स्नातक करने के बाद दुकान पर पिता की मदद करती थी। भूपी व ललित के दोनों बेटे ध्रुव व शिवम पास के एक पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र थे। दूसरी ओर, प्रतिभा की बेटी प्रियंका एमबीए करने के बाद नोएडा में अच्छे पद पर तैनात थी।
सुजाता के बेटे केतन नागपाल ने बताया कि इसी 17 जून को प्रियंका की मंगनी हुई थी। परिवार इस रिश्ते के बाद बेहद खुश था। दिसंबर में शादी भी तय हो गई थी। केतन ने बताया कि शनिवार रात को उसने अपनी नानी व मौसी से फोन पर बातचीत की थी। सब कुछ नॉर्मल था। सुबह उनके रिश्तेदारों ने सभी के सुसाइड करने की सूचना दी। इसके बाद टीवी पर भी खबर चलने लगी। फौरन केतन और उसकी मां सुजाता दिल्ली आ गए। पुलिस मृतकों के रिश्तेदारों व पड़ोसियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।