बुराड़ी कांड को लेकर दिल्ली के लोगों के खौफ का खुलासा तीन दिन के दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड से होता है। यहां पहुंची 100 से ज्यादा फोन कॉल में बुराड़ी दास्तां को जल्द से जल्द बंद करने की अपील की गई है। साथ ही शिकायत की गई कि भाटिया परिवार की फंदे पर झूलतीं तस्वीरें और कथित भूतिया घर के वीडियो तत्काल बंद किए जाएं।
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- फोटो : जी पाल
इन्हें टीवी में देख हमारे बच्चे खौफ में आ गए हैं। सुबह से ही टीवी पर बुराड़ी केस की अजीबोगरीब गाथाएं सुनने को मिल रही हैं। सोशल मीडिया भी भरा पड़ा है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को वेस्ट दिल्ली से एक फोन कॉल आया।
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burari death case
- फोटो : जी पाल
शिकायतकर्ता महिला का कहना था कि टीवी पर दिखाई दे रहीं वीडियो और तस्वीरों ने उनके पूरे परिवार को परेशान कर दिया है। पड़ोसी भी इसी तरह की बातें कर रहे हैं। घर में जब भी परिवार साथ होता है और टीवी देखते हैं तो बुराड़ी परिवार की तस्वीरें सामने आ जाती हैं। इसे जल्द से जल्द रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
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घर के बाहर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
उधर, पूर्वी दिल्ली से भी एक दिन पहले इसी तरह का फोन कॉल कंट्रोल रूम पहुंचा था। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में 100 से ज्यादा फोन कॉल रिकॉर्ड हो चुकी हैं। पुलिस लोगों को जल्द से जल्द इस मामले का निपटारा करने का आश्वासन दे रही है। साथ ही उनकी शिकायत पर संज्ञान लेने की बात भी कह रही है।
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Burari Mass Suicide
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को एक फोन कॉल ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया। फोन आने के बाद सनसनी सी मच गई। क्राइम ब्रांच भी सख्ते में आ गई। फोन कॉल पर एक व्यक्ति ने कहा कि भाटिया परिवार ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि उसके पड़ोसी ने ही पूरे परिवार की हत्या की है।
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burari death case
- फोटो : जी पाल
पुलिस के अनुसार, फोन कॉल दक्षिणी दिल्ली के जामिया इलाके से आया था। एएस अहमद ने जामिया नगर थाना पुलिस को फोन कर बताया कि उसकी ऊपरी मंजिल पर रहने वाले पड़ोसी ने भाटिया परिवार की हत्या की है। इस कॉल के बाद जब पुलिस पूछताछ के लिए मौके पर पहुंची तो पता चला कि अहमद की सूचना गलत थी।
इसके बाद तमाम पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली। पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच इस मामले को आत्महत्या की ओर ले जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस तरह की भ्रामक जानकारी देकर पुलिस को परेशान न करें। पुलिस जनता के सहयोग के लिए है तो जनता को भी विभाग का सम्मान और सहयोग करना चाहिए।