बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के मामले में सामने आया है कि बड़ पूजा के तहत ही बाहर से खाना मंगाया गया था। सब्जी और रोटी अलग-अलग जगह से मंगाई गई थी। मुख्य आरोपी माने जा रहे ललित ने 30 जून को रजिस्टर में लिखा था कि भूपी रात 10 बजे दुकान से आ जाए तो सभी को खाना खाना है। सभी को मां खाना खिलाएगी। मां का ध्यान रखना है।
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- फोटो : अमर उजाला
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नारायणी देवी ने सभी को खाना खिलाया था। रजिस्टर में आगे लिखा था कि खाना खाने के दौरान मध्यम रोशनी का प्रयोग करें। खाना खाने से पहले नहा नहीं सकें तो हाथ-मुंह धोने से काम चल जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
अपराध शाखा के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बड़ा पूजा 24 जून से चल रही थी, मगर फांसी लगाने की प्रैक्टिस पहली बार 30 जून की रात ही की गई थी। अपराध शाखा के डीसीपी डॉ. जॉय टर्की ने बताया कि ललित के पास आखिरी कॉल ठेकेदार कुंवरपाल का आया था। ललित ने पत्नी टीना को भी 30 जून को कॉल किया था। उस समय ललित नीचे व टीना पहली मंजिल पर थी।
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- फोटो : जी पाल
उन्होंने बताया कि कुंवरपाल ललित का मकान बना रहा था। हालांकि दो जून के बाद मकान में काम नहीं हुआ था। कुंवरपाल के करीब एक लाख रुपये बकाया थे। कुंवरपाल को भतीजी की शादी में जाना था। इस कारण उसने ललित को फोन कर पैसे मांगे थे। ललित ने कहा था कि वह एक-दो दिन में पैसे देगा।
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कुंवरपाल ने बताया कि कई बार मांगने के बाद भी ललित ने रुपये नहीं दिए थे। ललित ने मकान का काम जल्द पूरा करने की बात कही थी। ललित की पत्नी टीना की आखिरी बात अपने मायके वालों से हुई थी। टीना ने भी मायके वालों को कुछ नहीं बताया था। पुलिस के सामने टीना के मायकेवालों ने पुलिस से कुछ भी पता होने से इनकार किया है।
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- फोटो : जी पाल
जनवरी में छत पर सोया था ललित
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब कोई रजिस्टर में लिखी बात नहीं मानता था तो ललित खुद को सजा देता था। यह बात रजिस्टर में लिखी हुई है। ललित सजा के तौर पर 1 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक छत पर सोया था।
धरती हिलेगी और आसमान गरजेगा
भाटिया परिवार में जब 30 जून की रात बड़ पूजा हो रही थी तो ललित ने सबसे कहा था कि तुम किसी से डरना मत। धरती कांपेगी और बदल गरजेंगे, मगर पिता आकर तुम्हें बचा लेंगे।