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बुराड़ी मर्डर मिस्ट्री: इंटरनेट पर सर्च कर तो नहीं दी जान, व्हाट्सऐप ग्रुप की हो रही छानबीन

Tue, 03 Jul 2018 11:16 AM IST
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
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burari death case - फोटो : विवेक निगम
दिल्ली पुलिस के सूत्रों का दावा है कि ललित भाटिया व उसका परिवार लगातार इंटरनेट पर मोक्ष प्राप्ति से संबंधित वेबसाइट देखता था। वह यू-ट्यूब पर मोक्ष प्राप्ति के तरीके से संबंधित वीडियो भी देखते थे। परिवार की सर्च हिस्ट्री से इसका पता चला है। यू-ट्यूब और विभिन्न वेबसाइट मोक्ष प्राप्त करने के तरीकों से भरी पड़ी हैं। मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार के पास से अब तक जो भी सबूत मिले हैं, उनके अनुसार 2013 से ललित व उसका परिवार धार्मिक क्रियाओं में लिप्त था।

हालांकि शायद इसकी जानकारी दूसरे रिश्तेदारों और पड़ोसियों को नहीं थी। पूरा परिवार अपनी दिनचर्या रजिस्टरों में लिखता था। घर से कुछ और भी ऐसे कागजात मिले हैं, जिनमें धार्मिक क्रियाओं का जिक्र है। यह सब बाबा के इशारे पर होता था या इंटरनेट ही इसका माध्यम था, पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है। 
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burari death case - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यू-ट्यूब पर आप मोक्ष प्राप्त करने के दर्जनों वीडियो देख सकते हैं। उनमें एक बाबा का वीडियो देखेंगे तो वह कहता है कि यदि आप मौत के समय अपनी इंद्रियों को काबू कर, मन को मस्तिष्क में स्थापित करें और इसी दौरान ओम का जाप करते हुए प्राणों का त्याग करें तो निश्चय ही मोक्ष प्राप्त हो जाएगा।

इस वीडियो को देखेंगे तो भाटिया परिवार के घर से मिले रजिस्टर में कुछ-कुछ इसी तरह का जिक्र था। हालांकि उसमें पूजा करने का जिक्र थोड़ा अलग था। सूत्रों की मानें तो भाटिया परिवार इंटरनेट पर इसी तरह के वीडियो देखता था। पुलिस उस थ्योरी पर भी काम कर रही है। 
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burari death case - फोटो : जी पाल
घर पर अक्सर आता था दाढ़ी वाला बाबा
अपराध शाखा के सूत्रों की मानें तो भाटिया परिवार के घर काफी समय से दाढ़ी वाला एक बाबा आता था। पुलिस ने कुछ पड़ोसियों से पूछताछ के बाद इसका खुलासा किया है। सूत्रों की मानें तो जानेगदा नामक कोई बाबा परिवार के संपर्क में था। बाबा कहां रहता था और वह क्यों परिवार से मिलता था, पुलिस फिलहाल इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि परिवार की सीडीआर के आधार पर दो बाबाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि जिस बाबा की तलाश है, उससे भाटिया परिवार की काफी-काफी देर तक बातचीत होती थी। अपराध शाखा की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।

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burari death case
निगम बोध घाट पर किया गया अंतिम संस्कार
पुलिस ने सोमवार शाम को सभी 11 लोगों के शव पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिए। इसके बाद शवों का निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम के दौरान परिवार ने घर के छह सदस्यों की आंखें दान कर दीं जबकि पांच सदस्यों की आंखें देर होने के कारण दान नहीं हो पाईं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरू में माना जा रहा था कि नारायण देवी की गला घोंटकर हत्या की गई है, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने उनकी मौत भी फंदे से लटकने के कारण बताई है।

शव के पास एक आलमारी के कुंडे में फंदा मिला है। पुलिस ने घर से मिले दो रजिस्टरों की हैंड राइटिंग को भी जांच के लिए एक्सपर्ट के पास भेज दिया है। पुलिस ने सोमवार दिन में घर से कुछ राइटिंग के नमूने जब्त किए। हालांकि पुलिस का मानना है कि घर से मिले दोनों रजिस्टरों पर लिखावट ललित की है।
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burari death case - फोटो : जी पाल
व्हाट्सऐप ग्रुप की भी की जा रही है छानबीन...
दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार के कई सदस्य व्हाट्सऐप व दूसरी सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करते थे। पुलिस इन व्हाट्सऐप ग्रुप से छानबीन कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भाटिया परिवार के सदस्य किन-किन लोगों के संपर्क में थे। खासकर ललित व भूपी के मोबाइल की पुलिस गहनता से छानबीन कर रही है।

दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार इस बात की पूरी आशंका है कि ललित किसी न किसी ऐसे गु्रप या तांत्रिक से जुड़ा था, जिसने पूरे परिवार को अंधविश्वास का पाठ पढ़ाया।
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burari case
खाना लाने वाले लड़के से होगी पूछताछ
सीसीटीवी फुटेज में रात करीब 10.40 बजे एक लड़का खाना लेकर उनके घर पहुंचा था। पुलिस उससे भी पूछताछ करेगी। वहीं दूसरी ओर पुलिस को शवों से दूर एक दराज में सात मोबाइल फोन व एक टैब बरामद हुआ है। छह फोन फ्लाइट मोड पर थे, जबकि एक फोन बंद था। पुलिस कुछ फोन लॉक मिले हैं, अपराध शाखा पुलिस उनको अनलॉक कराकर उनकी भी छानबीन कर रही है।
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