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बुराड़ी कांड: 4 महीने बाद भाटिया परिवार के पड़ोसियों ने किया खुलासा, क्या सच है ये!

Wed, 31 Oct 2018 04:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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burari death case - फोटो : सोशल मीडिया
1 जुलाई के बाद से ही रहस्य और डर की वजह बना दिल्ली के बुराड़ी का वो घर जिसमें भाटिया-चंडावत परिवार के 11 लोगों ने एक साथ फांसी लगा ली थी इन दिनों फिर चर्चा में है। लगभग 4 महीने बाद यह फिर से सुर्खियों में है क्योंकि अब घर की कस्टडी परिवार को मिल गई है। यह घर अब खुल चुका है और परिवार के सबसे बड़े बेटे दिनेश चंडावत अपनी पत्नी के साथ इसमें रह भी रहे हैं। देखिए अंदर से कैसा दिखता है 11 मौतों का गवाह रह चुका ये घर और आसपास के लोग इसके बारे में कैसी बातें करते हैं...
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burari death case
भले ही यह घर खुल गया हो और इसमें परिवार के सदस्य रह रहे हों लेकिन स्थानीय लोग अब इस रहस्यमयी घर के बारे में दबी जुबान में कई तरह की बातें करते हैं। बुराड़ी के संत नगर में जहां ये घर है, वहां आसपास के लोग शाम के समय यहां भूत के होने की बात करते हैं।
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burari death case
संत नगर के लोग वैसे तो दिन के उजाले में अकसर यहां जाते हैं और यह जानने की कोशिश करते हैं कि उन्हें दूसरी दुनिया का एक्सपीरिएंस हो। लेकिन ज्यादातर लोग जब देर शाम हो जाती है तो यहां जाने से कतराते हैं। अब तो लोग उस गली में भी नहीं आते जिसमें ये घर है और बच्चे भी यहां नहीं खेलते।

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burari death case - फोटो : अमर उजाला
चंडावत परिवर के बगल वाले घर में रहने वाले करमपाल का कहना है कि बुराड़ी कांड से पहले आसपास के युवा यहीं इकट्ठा होकर दुकान के बाहर बैठा करते थे, लेकिन इस हादसे के बाद से कोई यहां नहीं आता। वो कहते हैं कि हम तो शाम के बाद अपने उस कमरे में भी नहीं जाते जो चंडावत परिवार के बालकनी की ओर खुलता है।
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burari death case - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि बुराड़ी कांड के एक महीने बाद ही चंडावत परिवार के घर की चाबी अदालत ने परिवार के बड़े बेटे दिनेश को सौंप दी थी और वो व उसका परिवार पूरे एक महीने तक घर में बिना किसी परेशानी के रहा। इस दौरान उसने घर में लगी वो 11 पाइपें भी हटवा दीं जो पूरे कांड के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रही थीं। दिनेश अक्सर ही राजस्थान से यहां आता रहता है।
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