burari death case
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चंडावत परिवर के बगल वाले घर में रहने वाले करमपाल का कहना है कि बुराड़ी कांड से पहले आसपास के युवा यहीं इकट्ठा होकर दुकान के बाहर बैठा करते थे, लेकिन इस हादसे के बाद से कोई यहां नहीं आता। वो कहते हैं कि हम तो शाम के बाद अपने उस कमरे में भी नहीं जाते जो चंडावत परिवार के बालकनी की ओर खुलता है।