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बुलंदशहर हिंसाः खास मेडल से सम्मानित हो चुका है फौजी, साहस के किस्से सुनकर एसआईटी और एसटीएफ हैरान

Mon, 10 Dec 2018 12:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
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bulandshahr violence - फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर बवाल में फौजी जितेंद्र उर्फ जीतू रविवार को जेल चला गया। वहीं जितेंद्र के साहस के किस्से सुनकर एसआईटी और एसटीएफ के अफसर भी एक बार को चुप्पी साध गए। पूछताछ के दौरान ये जानकारी मिली है कि जीतू को सेना के उच्च अधिकारियों ने एक खास मेडल से भी सम्मानित किया है। आगे पढ़िए जीतू के बारे में ऐसी ही अनसुनी बातें जो आपको कहीं जानने को नहीं मिलेगी...
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bulandshahr violence - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि जीतू की बहादुरी से प्रभावित होकर सेना के उच्च अधिकारियों ने जितेंद्र को कमेंडेशन डिस्क मेडल से सम्मानित किया था। महाव गांव निवासी जितेंद्र कुमार उर्फ जीतू साल 2013 में सेना में भर्ती हुआ। पहली पोस्टिंग रुड़की में हुई। उसके बाद तैनाती लद्दाख में मिली। यहां के बाद जोधपुर में तैनाती हुई। पिछले पौने दो साल से जम्मू के सोपोर में सेना की 22 आरआर कंपनी में तैनाती हुई।
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bulandshahr violence - फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में सामने आया कि 18 नवंबर को ही वह छुट्टी आया था। पहले नौ दिन की छुट्टी थी। लेकिन सात दिन की अतिरिक्त छुट्टी करा ली थी। यह भी बताया गया कि चार दिसंबर को जम्मू में वापसी के लिए रिपोर्टिंग होनी थी। चार को ही वापसी की। एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ और जांच में यह पता चला कि फौजी जितेंद्र 26 ऑपरेशनों में शामिल रहा है। फौजी ने भी यही बताया कि वह आखिर गोली क्यों मारता।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
योगेश को छोड़ फौजी की गिरफ्तारी के लिए झोंकी ताकत
बुलंदशहर बवाल में फौजी को गिरफ्तार करने में पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी। लेकिन बजरंग दल के जिला संयोजक को भूल गई। बवाल का मुख्य आरोपी बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज अभी भी खुलेआम घूम रहा है। लेकिन बुलंदशहर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया। बड़ा सवाल है कि पुलिस ने फौजी जीतू को गिरफ्तार करने के लिए पूरी ताकत लगा दी। उसे जम्मू से ले आई और फिर जेल भी भेज दिया।
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bulandshahr violence - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों ने बवाल के बाद ही साफ कर दिया था कि बवाल का मुख्य आरोपी योगेश राज है। योगेश राज के बचाव में कई राजनीतिक दल लगे हुए हैं। लेकिन पुलिस योगेश को ही बवाल का मुख्य आरोपी मान रही है सवाल उठता है कि योगेश जब बवाल का मुख्य आरोपी है तो उसको गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा। इसको लेकर चर्चाएं भी हैं कि पुलिस राजनीतिक हस्तक्षेप होने के बाद बैकफुट पर आ गई है और अब योगेश को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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