पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। लेकिन, पुलिस घटनास्थल के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। जबकि, घटना के नामजद आरोपियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, लेकिन पुलिस को उनसे कोई खास लीड हाथ नहीं लगी।
गनीमत रही कि मंगलवार सुबह नरसेना थाना क्षेत्र के गांव भदौरी निवासी कुछ युवकों ने किशोरी को गांव के प्राथमिक स्कूल में बदहवास हालत में देखा और उसके परिजनों को सूचना दी थी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उसे बरामद कर लिया था और दुष्कर्म के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही थी।
बुधवार रात पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि कार सवार चार लोग उसका अपहरण करके गाजियाबाद-दिल्ली की तरफ ले गए थे। इसके बाद उसे कोई नशीली चीज खिला दी। जिसमें से दो लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है।
दो लोग कार से उतरकर चले गए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसे कार से स्कूल में फेंक कर भाग गए। किशोरी ने बताया कि सामने आने पर वह आरोपियों को पहचान सकेगी। मामले में पुलिस ने दुष्कर्म की धारा को सामूहिक दुष्कर्म में तरमीम कर आगे जांच करने की बात कही है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने किशोरी के रिश्ते के भाई के बयान के आधार पर मामले में लूट की भी धारा बढ़ा दी है।
किशोरी के होश में आने के बाद पुलिस को दिए बयान से साफ है कि आरोपी कार में रात भर पीड़िता को लेकर दिल्ली-गाजियाबाद की ओर घूमते रहे और पांच थानों की पुलिस कुछ नहीं कर पाई। यदि मंगलवार को युवकों ने किशोरी को नहीं देखा होता तो अभी उसकी बरामदगी पुलिस के लिए चुनौती ही रहती। खास बात यह है कि अभी आचार संहिता लगी हुई है और इस दौरान इतनी बड़ी वारदात पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठा रही है।
किशोरी के 161 के बयान दर्ज किए गए हैं, जिसमें किशोरी ने दो लोगों द्वारा दुष्कर्म करने की बात कही है। दुष्कर्म की रिपोर्ट को सामूहिक दुष्कर्म की धारा मे तरमीम कर जांच की जा रही है। साथ ही किशोरी के रिश्ते के भाई के बयान के आधार पर लूट की धारा भी बढ़ाई गई है। हिरासत में लिए गए आरोपियों की शिनाख्त किशोरी से कराई जाएगी। - एन. कोलांचि, एसएसपी