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बिना दहेज के ग्रेजुएट बहु लाना रहा कारगर, निर्विरोध बनी सरपंच

Tue, 05 Jan 2016 07:53 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
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मेवात जिला खंड नूंह के गांव हुसैनपुर निवासी फतेह मोहम्मद पिछला चुनाव केवल एक वोट से हार गए थे। इस बार सरपंच बनने के लिए उन्होंने गांव में काफी मेहनत की लेकिन ऐन वक्त पर सरकार ने शिक्षा का अड़ंगा लगा दिया। जिसकी वजह से फतेह मोहम्मद का सरपंच बनने का सपना टूट गया।
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आखिरकार सरपंच बनने की तमन्ना ने फतेह मोहम्मद को बीटेक में पढ़ रहे अपने बेटे फारूख की शादी तत्काल बीए पास लड़की से करनी पड़ी। अमर उजाला ने फतेह मोहम्मद की इस ख्वाहिश को प्रमुखता से उठाया था। पिछला चुनाव एक वोट से हारने और दोबारा सरपंच बनने की फतेह मोहम्मद की हसरत को गांव के लोगों ने मंगलवार को पूरा कर दिया।
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बता दें कि गांव हुसैनपुर और सतपूतियाका की संयुक्त पंचायत है। दोनो गावों में करीब 650 वोट हैं। गांव हुसैनपुर पंचायत महिला सरपंच के लिये आरक्षित हो गई।

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दोनो गांवो के लोगों ने फतेह मोहम्मद की इच्छा को ध्यान में रखते हु मंगलवार को पंचायत बुलाई। जिसमें फतेह मोहमद की पुत्र वधु के मुकाबले में लड रहे अन्य दो उमीदवारों को समझाया कि एक बार फतेह मोहमद को सरपंच बनने का मौका दिया जाये।
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करीब तीन-चार घंटे तक चली पंचायत में फैसला लिया गया कि फतेह मोहम्मद ने सरपंच बनने की चाहत में अपने बेटे की बिना दहेज के बीए पास लडकी से शादी की है। इसलिये फतेह मोहमद की पुत्र वधु फारूना को ही निर्विरोध सरपंच चुन लिया। इसके अलावा के सभी सात पंचों के वार्ड के लिये भी पंच निर्विरोध चुन लिया।
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दोनो गांवों की पंचायत ने सतपूतियाका ग्राम पंचायत के लिये फारूना को सरपंच और मधुबाला, हारून, खतीजा और निसार सहित सभी सात पंचो को निर्विरोध पंच चुना है। फतेह मोहमद का कहना है कि उसकी तमन्ना थी कि वह गांव का एक बार सरपंच बने। पिछला चुनाव वह एक वोट से हार गया था। इस बार उनकी पंचातय शिक्षित महिला के लिये आरक्षित हो गई थी।
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