कहते हैं अगर आप दिल्ली में बिना हेलमेट यात्रा करने निकल जाएं तो चालान कटना तय है लेकिर अगर आप किसी पॉलिटिकल रैली में भाग ले रहे हैं तो इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। वो भी तब जब आप उस पार्टी की चुनावी रैली में भाग ले रहे हों जिसका दिल्ली में राज हो।
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शुक्रवार को दिल्ली में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने रोड शो किया और इस दौरान दो पहिया वाहनों से लेकर कारों तक ने ट्रैफिक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं लेकिन किसी ने भी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई।
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बता दें कि दिल्ली में 23 अप्रैल को एमसीडी के चुनाव होने हैं जिसके नतीजे 26 अप्रैल को आएंगे। ऐसे में सभी पार्टियां चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंके हुए हैं। लेकिन राजनीतिक दल जो चुनाव के बाद राज करने वाली हैं और कानून बनाने और पालन कराने की जिम्मेदारी संभालने वाली हैं अगर उनकी रैलियों में ही खुलेआम कानून तोड़ा जाने लगे तो आगे की आप सोच सकते हैं।
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इस चुनावी रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं में किसी ने भी गाड़ी चलाते वक्त हेलमेट पहनने की जरूरत महसूस नहीं की। इससे भी ज्यादा चौंका देने वाली बात ये रही कि दिल्ली पुलिस ने इनके खिलाफ कोई कार्यवाही करना तो दूर उन्हें ऐसा करने से रोकने का भी प्रयास नहीं किया।
इस रैली में महिलाएं भी शामिल थीं और वो ऐसे दोपहिया वाहनों पर सवार थीं जिस पर तीन-तीन लोग सवार थे जबकि, दो पहिया वाहनों पर दो से ज्यादा व्यक्ति की सवारी कानूनी तौर पर गलत है। क्या केजरीवाल दिल्ली पुलिस की इस अनदेखी को भी चुनावी मुद्दा बनाएंगे?