rahul roy
इस वजह से काम करना थोड़ा मुश्किल हो रहा था। इसलिए उन्होंने बाद में 21 प्रोड्यूसरों के पैसे वापस कर दिए थे। इसके बाद राहुल ने 'फिर तेरी याद आई', 'जानम', 'सपने साजन के', 'गुमराह' और 'मझदार' जैसी फिल्में कीं। कुल मिलाकर उन्होंने अपने करियर में 25 हिंदी फिल्में कीं। लेकिन उनमें से एक भी नहीं चली। कुछ तो महेश भट्ट के निर्देशन में भी बनीं लेकिन राहुल को असफलता ही हाथ लगी। राहुल ने महेश भट्ट का साथ कभी नहीं छोड़ा। वो लगातार उनसे जुड़े रहे।