भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में 5 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपियों को 5 सितंबर तक नजरबंद रखने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए महाराष्ट्र सरकार से गुरुवार तक मामले पर जवाब देने के लिए कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस भी जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी। इसके साथ ही सभी आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड पर भी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। बता दें कि मामले में पुणे पुलिस ने मंगलवार को देश भर में कई नक्सल समर्थकों के आवास पर छापे मारे और माओवादी समर्थक वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा, बरनोन गोंजालविस और गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया है।