सोनू के लिए बजरंगी भाईजान बने जमाल ने उसे परिवार से मिलवाने के लिए बांग्लादेश में 39 दिन जेल में सजा भी काटी। दरअसल, रहीमा ने झूठी एफआईआर दर्ज कराकर जमाल को जेल भिजवा दिया था।
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सोनू के परिजन और जमाल
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट में पेशी के दौरान जमाल ने अदालत को सोनू के बारे में बताकर भारत जाकर उसके माता-पिता को ढूंढने की आज्ञा मांगी थी। कोर्ट से इजाजत मिलते ही जमाल पासपोर्ट बनवाकर कोलकाता, पटना होते हुए दिल्ली पहुंचा। यहां पहुंचकर उसने मेहमूद को ढूंढ निकाला और परिवार को सारी बात बताई।
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सोनू का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
मेहमूद के मुताबिक, करीब छह माह पूर्व सोनू ने रहीमा के घर पर जमाल को बताया था कि वह भारत का रहने वाला है। रहीमा उसे दिल्ली, सीमापुरी स्थित घर से उठाकर यहां ले आई थी। सोनू ने अपने माता-पिता के पास जाने की बात कही थी।
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सोनू के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बस जमाल ने उसे परिवार से मिलवाने की ठान ली। यह बात जब रहीमा को पता चली तो उसने लोकल थाने में जमाल के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी। सोनू को उसने अपना बच्चा बताया था पुलिस ने जमाल को गिरफ्तार जेल भेज दिया। जमाल की नौकरी भी चली गई।
कोर्ट में पेशी के दौरान जमाल ने सोनू के बारे में सारी बात बताई। अदालत से इजाजत मिलते ही वह भारत आ गया। यहां पहुंचकर उसने मेहमूद को टूटी-फूटी हिंदी में सारी कहानी बताई। करीब 10 दिन मेहमूद के पास रुककर जमाल विदेश मंत्री से भी मिला और वापस अपने वतन लौट गया। मेहमूद जमाल को अल्लाह की तरफ से भेजा गया एक फरिश्ता बताते हैं।