बलूचिस्तान से आकर भारत में शरणार्थी बनकर रही महिलाओं के साथ सोमवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में रक्षा पर्व मनाया गया। हिंद-बलूच फोरम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 6 से ज्यादा बलूच शरणार्थी महिलाओं ने हिस्सा लिया।
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- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने वहां मौजूद लोगों को राखी बांधकर बलूचिस्तान में भी भारत जैसे लोकतंत्र होने की आवाज उठाई। इस मौके पर हिंद फोरम के ट्रस्टी जितेेंद्रानंद सरस्वती जी महराज, राष्ट्रीय चिंतक और फोरम के अध्यक्ष पवन सिन्हा और फोरम के अंतरराष्ट्रीय संयोजक गोविंद शर्मा मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में भारत में शरणार्थी के रूप में रह रही महिलाएं महाकन बलूच, मारिया बलूच, मलालई अहमदी बलूच, मौसमा बलूच, हूरी बलूच, नसीमा बलूच ने कार्यक्रम में लोगों को राखी बांधी।
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उन्होंने बताया कि उनकी संस्कृति और सभ्यता भारत से मिलती-जुलती है। वह भी भारत जैसा हर लोकतंत्र बलूचिस्तान में चाहते हैं। जिस तरह यहां वे बेफिक्र होकर रक्षाबंधन मना कर रही हैं, उसी तरह बलूचिस्तान जाकर ईद मनाना चाहती हैं।
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फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन सिन्हा ने कहा कि पाकिस्तान जिस तरह से बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का हनन कर रहा है, वह निंदनीय है। सरकार अपना काम कर रही है, मगर सिविल सोसाइटी को भी बलूच के भाई-बहनों के लिए आगे आना होगा।
जितेंद्रानंद सरस्वती महराज ने भी बलूच महिलाओं से राखी बंधवाई। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से भारत और बलूचिस्तान के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति को समझने जानने का मौका मिलेगा।