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बाबा रामदेव के ड्रीम प्रोजेक्ट पर लगा ग्रहण, बीच का रास्ता निकालने में जुटी सरकार

Wed, 27 Jul 2016 02:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आयुर्वेद हब की जमीन का निरीक्षण करते बाल कृष्‍ण
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यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में पतंजलि को जमीन आवंटित करने को लेकर मामला फंसता नजर आ रहा है। बाबा रामदेव की तरफ से दिए गए प्रस्ताव में छूट की अधिक शर्त रखने से जमीन आवंटित करने में अड़चन आ रही है।
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प्राधिकरण व शासन स्तर पर अधिकारी बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में जुटे हैं। यमुना प्राधिकरण के अनुसार, पतंजलि की तरफ से तीन अहम छूट मांगी गई हैं।

पहली तो यह कि करीब 4000 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन उपलब्ध कराई जाए। दूसरी यह कि जमीन को लीज पर देने का अधिकार भी दिया जाए, ताकि वे छोटे भूखंड लेकर किसी और आवंटी को लीज पर दे सकें।

तीसरा यह कि संस्थागत भूखंडों पर 40 फीसदी की छूट मिले। प्राधिकरण का कहना है कि किसान से जमीन लेकर उसे मुआवजा देने, 12 फीसदी आवासीय भूखंड देने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के बाद आधी जमीन ही आवंटित करने के लिए बचती है।
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इस हिसाब से जमीन की लागत ही करीब 8000 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो रही है। प्राधिकरण आठ हजार रुपये की जगह 6000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की कीमत पर जमीन देने को राजी है, क्योंकि इसकी भरपाई व्यावसायिक भूखंडों से हो जाएगी, लेकिन 4000 रुपये में बहुत अधिक घाटा होगा।

साथ ही, प्राधिकरण को छोड़कर किसी भी आवंटी को जमीन लीज पर देने का अधिकार देने का प्रावधान नहीं है। फिलहाल, प्राधिकरण ने पतंजलि के लिए कादरपुर गांव में 400 एकड़ जमीन तलाशने की तैयारी चल रही है।

अगर रेट पर बात बनी तो पतंजलि उद्योग इसी जगह लगेगा। एसीईओ अमरनाथ उपाध्याय का कहना है कि पतंजलि से बातचीत चल रही है। अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है।
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दो सेक्टरों में उद्योग लाने की तैयारी

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आयुर्वेद हब की जमीन का निरीक्षण करते बाल कृष्‍ण
यमुना प्राधिकरण ने दो सेक्टर-32 व 33 में उद्योग लाने की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों सेक्टरों में करीब 850 भूखंड चिह्नित किए गए हैं और भूखंडों के लिए प्रयास हो रहे हैं।

एसीईओ अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि चेयरमैन प्रवीर कुमार के निर्देश पर इन दो सेक्टरों में विकास कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा। इसके बाद उद्यमियों को पजेशन दे दिया जाएगा।

इसके अलावा एबीयू पॉकेट में 1000 से 4000  वर्ग मीटर तक के 256 प्लॉट जल्द मिल जाएंगे। अच्छेजा बुजुर्ग में भी 3500 वर्ग मीटर तक के प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं।
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पहले जमीन पर पजेशन फिर पूरा पैसा

- फोटो : ABP
यमुना प्राधिकरण ने तय किया है कि किसानों से जमीन खरीदते समय कुल मुआवजे का 10 फीसदी देकर एग्रीमेंट किया जाएगा। उसकी रजिस्ट्री भी हो जाएगी। इसके बाद किसानों से पजेशन लेकर पूरा पैसा दे दिया जाएगा।

एग्रीमेंट में पूरा भुगतान का प्लान भी लिखा होगा। इससे प्राधिकरण को पजेशन लेने में दिक्कत नहीं होगी। वर्तमान समय में किसानों से जमीन खरीद लेने के बावजूद पजेशन नहीं मिल पाता, जिससे प्राधिकरण की योजनाएं पिछड़ जाती हैं।

मुआवजा लेने के बाद कोर्ट जाने का मामला भी आए दिन होता रहता है, जिससे पजेशन लटक जाता है इसीलिए प्राधिकरण ने तय किया कि जमीन पर पजेशन लेने के बाद ही पूरा पैसा दिया जाएगा।
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