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उस दिन गरीबों की सेवा कर लौट रहा था घर का इकलौता चिराग, तभी...! 

Sat, 11 Mar 2017 03:23 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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जिंदगी में कुछ ऐसी घटनाएं अचानक घट जाती हैं जो पूरे जीवन के लिए एक बुरा सपना बन कर रह जाती हैं। जिंदगी से खुशियों की हर रोशनी को हमेशा के लिए हमसे छीन लेती हैं। कुछ ऐसा ही अतुल के परिवार के साथ हुआ। किसी ने नहीं सोचा था कि रविवार की शाम अतुल के परिजनों के लिए एक दर्दनाक शाम बन कर रह जाएगी। 
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हादसे का फुटेज
अतुल एक 16 वर्षीय छात्र था जो 11वीं पास कर 12वीं कक्षा में जा चुका था। अगर वो इस दुनिया में होता तो सोमवार अतुल की 12वीं कक्षा का पहला दिन होता। अतुल का जन्मदिन भी काफी नजदीक था। 
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hit and run case
रविवार की शाम वह अपनी स्कूटी से आश्रम में गया जहां वह लोगों की सेवा करता था। वहां से घर लौटते वक्त अतुल की स्कूटी में एक मर्सिडीज़ कार ने टक्कर मार दी जिस वजह से उसकी मौत घटना स्थल पर ही हो गई। 

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hit and run case
माता-पिता के मुताबिक़ अतुल अक्सर आश्रम जाया करता था और वह काफी शांत स्वभाव का धार्मिक लड़का था। अतुल अपने स्कूल के फाइनल ईयर और छुट्टियों के बाद दोस्तों से मिलने के लिए काफी उत्साहित था। उसने सोमबार को स्कूल जाने की सारी तैयारी भी कर ली थी। अतुल की बड़ी बहन रुचि ने उसे एक नया जूता भी लाकर दिया था जिसे उसने अपने 12वीं कक्षा के पहले दिन पहन कर जाने के लिए रखा था।   
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ह‌िट एंड रन केस
अतुल के पिताजी दिल्ली विकास प्राधिकरण में कार्यरत हैं, जो कि लकवे से पीड़ित हैं और अतुल की मां पंजाबी बाग के एक प्राईवेट स्कूल में टीचर हैं और उसकी दो बहने भी हैं। अतुल अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। 
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hit and run case
अतुल अपने दोस्तों का बहुत चहेता भी था। 'खुशी' जो अतुल की काफी अच्छी दोस्त है उसने बताया कि हम सारे दोस्त अक्सर स्कूल खत्म होने के बाद अतुल के घर ग्रुप स्टडी के लिए चले जाया करते थे। 
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hit and run case
स्कूल में शोक की लहर दौड़ गई जब मॉर्निंग असेंबली में अतुल के मौत की खबर सुनाई गई। सोमवार को जब सारे दोस्त अतुल के घर पहुंचे तो सफेद चादर में अपने दोस्त को लिपटा देख सबकी आंखें भर आईं। हालांकि, रुचि ने बताया कि अतुल ने आश्रम जाते वक्त हेलमेट नहीं पहना था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
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