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अनाज मंडीः अगर उस दिन फैक्टरी के इस भाग में लग जाती आग तो चपेट में आता पूरा इलाका, जांच में खुलासा

Thu, 12 Dec 2019 10:25 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : पीटीआई
अनाज मंडी की जिस इमारत में 43 लोगों की जान गई, आग अगर उसके इस खास भाग में लगती तो आसपास का पूरा इलाका आग की चपेट में आ जाता और शायद फिर यह दुर्घटना और बड़ी हो सकती थी। जानिए फैक्टरी का कौन सा वो भाग है और अब तक इस मामले की जांच में क्या-क्या हुए हैं...
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- फोटो : पीटीआई
अनाज मंडी की जिस इमारत में 43 लोगों की जान गई, आग अगर उसके भू-तल पर पहुंच जाती तो पूरे इलाके को चपेट में ले लेती। इससे जानमाल का बहुत बड़ा नुकसान तो होता ही, आसपास की इमारतें भी जमींदोज हो सकती थीं। भू-तल पर तुरंत आग पकड़ने वाले ज्वलनशील प्लास्टिक के दाने के करीब 50 कट्टे रखे थे।
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- फोटो : पीटीआई
इनमें करीब 500 किलो प्लास्टिक दाना था। ये दाने इतने ज्वलनशील होते हैं कि सीमेंट भी आग पकड़ लेता। रूह को कंपकपा देने वाला यह खुलासा हादसे की जांच कर रही अपराध शाखा की तफ्तीश में सामने आया है। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस आग के कारणों का पता करने के लिए सीबीआई की सीएफएसएल की मदद ले रही है।

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- फोटो : अमर उजाला
अपराध शाखा के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर प्लास्टिक के दाने के 50 से ज्यादा कट्टे रखे हुए थे। दमकल विभाग ने दिल्ली पुलिस को बताया कि ये दाने बहुत ज्यादा ज्वलनशील हैं कि इनमें आग लगती तो सीमेंट समेत पूरी इमारत आग पकड़ लेती। सीमेंट में आग लगते ही इमारत ढह जाती। इससे आसपास की इमारतें भी जमींदोज हो जातीं।
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- फोटो : पीटीआई
ग्राउंड फ्लोर पर रेहान का ऑफिस है और प्लास्टिक की मॉडलिंग का काम होता था। पहली मंजिल पर रेहान की शीशे की यूनिट लगी थी। दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिलें किराए पर थीं। पुलिस को मौके से न तो अंगीठी और न ही हीटर मिला है। 
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सीबीआई की सीएफएसएल टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने वहां काफी देर तक जांच की। अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि आग का कारण जानने के लिए इस टीम को बुलाया गया था। सीएफएसएल में अच्छे एक्सपर्ट हैं। जांच में लगे अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी किसी भी मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन डॉक्टरों ने अनौपचारिक रूप से बताया है कि 39 लोगों की मौत दम घुटने और चार की जलने से हुई थी।
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दिल्ली अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि एक  महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ इमारत में रहती थी। हादसे के दौरान उसकी समय से आंख खुल गई और वह बच्चों को लेकर बाहर निकल गई।
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