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सिंगापुर में जिंदगी की जंग लड़ रहे अमर सिंह, कभी कहे गए राजनीति के चाणक्य तो कभी 'घर तोड़'

Tue, 18 Feb 2020 03:49 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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अमर सिंह और मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
कभी राजनीति में चाणक्य कहे जाने वाले अमर सिंह का इन दिनों ऐसा हाल हो गया है कि उन्हें एक बार में पहचान पाना भी मुश्किल है। अमर सिंह राजनीति में ऐसा नाम हैं जो किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। आज अचानक उनकी बात इसलिए क्योंकि वह सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। वहीं से उन्होंने अमिताभ बच्चन और उनके परिवार के लिए एक वीडियो जारी कर माफी मांगी है। वीडियो जारी करते हुए सिंह ने कहा कि इतनी तल्खी के बावजूद यदि अमिताभ बच्चन उन्हें जन्मदिवस पर, उनके पिता की पुण्यतिथि पर मैसेज करते हैं तो मुझे अपने बयान पर खेद प्रकट कर देना चाहिए। 

उत्तर प्रदेश से अपना सियासी सफर शुरू करने वाले अमर सिंह कभी मुलायम सिंह के दाहिने हाथ माने जाते थे। जानिए अमर सिंह के बारे में ये खास बातें-
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राज्यसभा सांसद अमर सिंह - फोटो : Facebook

ऐसे हुई थी राजनीति में एंट्री

कहा जाता है कि साल 1996 में फ्लाइट के दौरान अमर सिंह की तत्कालीन रक्षामंत्री मुलायम सिंह से मुलाकात हुई जिसके बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश लिया था। हालांकि, इससे पहले भी वह मुलायम सिंह से मिल चुके थे लेकिन इसके बाद ही मुलायम सिंह ने उन्हें पार्टी का महासचिव बनाने का फैसला किया। समाजवादी पार्टी से राज्यसभा के सांसद चुने गए अमर सिंह को कथित रूप से पारिवारिक विवाद के बाद समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया। कहा जाता है कि उनको पार्टी से निकाले जाने में आजम खान और अखिलेश यादव की प्रमुख भूमिका रही। हालांकि साल 2010 में मुलायम सिंह भी इनको पार्टी से निकाल चुके हैं जिसके बाद इन्होंने राजनैतिक जीवन से कुछ समय के लिए संन्यास भी ले लिया था। लेकिन साल 2016 में इनकी फिर से समाजवादी पार्टी में वापसी हुई।
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amar singh - फोटो : PTI

फिल्म, राजनीति और बिजनेस के काकटेल


अमर सिंह के बारे में यह कहा जाता है कि वह राजनीति, फिल्म और बिजनेस का कॉकटेल हैं। समाजवादी पार्टी में रहते उन्होंने इसे सिद्ध भी किया। कई बार ऐसे मौके आए जब पार्टी को उन्होंने अपने राजनैतिक समझदारी से परेशानी से उबारा। जया बच्चन को राजनीति में लाने का काम अमर सिंह ने ही किया था लेकिन पार्टी से निष्कासन के समय बच्चन परिवार से इनकी दूरियां  बढ़  गईं जो आज भी बनी हुई हैं। कहा यह भी जाता है कि अमिताभ बच्चन के बुरे वक्त में अमर सिहं ने उनका साथ खूब निभाया था। 

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मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह - फोटो : अमर उजाला

मुलायम परिवार को तोड़ने का लगा आरोप

साल 2016 में ही अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच पार्टी को लेकर चल रही खींचतान के बीच एक रामगोपाल ने जिस कथित 'बाहरी व्यक्ति' को बार-बार जिम्मेदार बताया वह कोई और नहीं बल्कि अमर सिंह ही थे। हालांकि इस विवाद से मुलायम ने खुद को दूर रखा और अमर सिंह को फिर से पार्टी से निकाल दिया गया। उस समय अमर सिंह पर यह भी आरोप लगे थे कि उन्होंने मुलायम और अखिलेश को शाहजहां और औरंगजेब के रूप में प्रचारित कराया। 
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बच्चन परिवार के साथ अमर सिंह - फोटो : Social Media

अंबानी परिवार में विभाजन

साल 2002 में धीरूभाई अंबानी का निधन हो गया। हालांकि उस समय धीरुभाई अंबानी ने 80 हजार करोड़ का टर्नओवर करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के बटवारे को लेकर कोई वसीयत नहीं लिखी थी जिसके बाद मुकेश और अनिल अंबानी के बीच संपत्ति को लेकर विवाद हो गया। अनिल अंबानी ने इस मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मदद की अपील की थी।

अनिल अंबानी अपने मित्र अमर सिंह के कारण तत्कालीन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के करीबी भी रहे। हालांकि इस वजह से मुकेश अंबानी अपने छोटे भाई से नाराज भी हुए थे जिससे उनके बीच की दूरी और बढ़ गई थी। बाद में समाजवादी पार्टी ने अनिल अंबानी को राज्यसभा की सीट भी ऑफर की थी लेकिन उन्होंने इसके लिए मना कर दिया था।
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Amar Singh, Jaya and Amitabh Bachchan - फोटो : facebook
फिल्मों में भी किया है काम
अमर सिंह ने हिन्दी फ़िल्म हमारा दिल आपके पास है में गेस्ट रोल किया है।

नोट फार वोट के दौरान भी उछला नाम-

अमर सिंह का नाम यूपीए 1 के समय अमेरिका के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते को लेकर भाजपा द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में सांसदों को कथित रूप से घूस देने के मामले में भी आया। जब फग्गन सिंह कुलस्ते, महावीर भगौरा और एक और सांसद ने संसद में नोटों के बंडल लहराए थे हालांकि बाद में वह इन आरोपों से बरी हो गए।

पार्टी भी बनाई

अमर सिंह ने राष्ट्रीय लोकमंच नाम से पार्टी भी बनाई और प्रदेश में चुनाव भी लड़ा। लेकिन पार्टी को एक भी सीट पर सफलता नहीं मिली।
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