एम्स में चंद माह पहले डॉक्टरों ने दिल का ऑपरेशन कर जिस मासूम बेटी को संजीवनी दी, उसे अब संक्रमण होने पर दूसरे अस्पतालों के भरोसे छोड़ दिया। एम्स का कहना है कि वे सर्दी जुकाम या निमोनिया का इलाज नहीं कर सकते। जबकि केंद्र के ही सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों का दावा है कि बच्ची के पास वक्त कम है। चूंकि मामला एम्स का है, इसलिए उन दोनों अस्पताल ने भी हाथ पीछे खींच लिए हैं।