महाराष्ट्र रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल के समर्थन में एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने नायाब तरीका अपनाया। रेजिडेंट डॉक्टर्स ने आपातकालीन विभाग में पूरे दिन हेलमेट पहन कर मरीजों का इलाज किया। इससे पहले मंगलवार को रेजिडेंट डॉक्टरों काली पट्टी बांध कर काम किया था।
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उधर, रेजिडेंट डॉक्टर्स की संस्था फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) का कहना है कि यदि महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग नहीं मानी गई तो दिल्ली के अस्पतालों में भी चिकित्सा सेवा प्रभावित की जा सकती है।
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एम्स रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ. विजय गुर्जर ने बताया कि डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा के लिए बुधवार को एम्स के आपातकालीन विभाग में हेलमेट पहन कर मरीजों का इलाज किया।
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बार-बार चिकित्सकों के साथ आपातकालीन विभाग में मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना होती है, इसके बावजूद सुरक्षा प्रदान नहीं की जाती है। वहीं विरोध में आवाज उठाने पर रेजिडेंट डॉक्टरों को ही भला-बुरा कहा जाता है। लिहाजा अपनी सुरक्षा के लिए और महाराष्ट्र के हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में बुधवार को एम्स आपातकालीन विभाग में हेलमेट पहन कर काम किया गया। वहीं, फोरडा के पदाधिकारियों की बुधवार को बैठक हुई।
बैठक में निर्णय लिया गया है कि यदि महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टर्स की मांगें नहीं मानी गईं अथवा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है तब दिल्ली के अस्पतालों में चिकित्सा सेवा प्रभावित की जाएगी। फोरडा का कहना है कि बार-बार डॉक्टरों पर हमला होता है लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जाता।