फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शाहबेरी बिल्डिंग हादसा: आसपास की इमारतों में आई दरार, फ्लैट बेचने का मन बना रहे लोग

Thu, 19 Jul 2018 07:21 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
1 of 5
building collapse shaberi - फोटो : अमर उजाला
जब से हादसा हुआ है तब से बहुत डर गई हूं। यहां से जितनी जल्दी हो सके, चले जाने का मन बना लिया है। झुग्गी में रहकर भी सुरक्षित महसूस करूंगी, लेकिन यहां अपने फ्लैट में अब नहीं रहूंगी। शाहबेरी गांव में जिस जगह हादसा हुआ है उसके पास ही दूसरी बिल्डिंग में बने अपने फ्लैट में सोनी व शोभा ने इस तरह अपना डर व दर्द बयां किया।
विज्ञापन

2 of 5
building collapse shaberi - फोटो : अमर उजाला
इस सात मंजिली इमारत में 35 फ्लैट हैं। जिसकी पहली मंजिल पर शोभा और उनकी बहू सोनी रहती हैं। उनका कहना है पड़ोस में इमारत गिरने के बाद उनकी बिल्डिंग में भी दरार आ गई है। हादसे के बाद से रात में नींद नहीं आ रही है। वे बताती हैं कि दिसंबर 2017 में 22 लाख रुपये में उन्होंने मकान खरीदा था, लेकिन अब कोई 15 लाख में भी ले ले तो वे बेचकर चली जाएंगी। जिस मकान में चैन से रह नहीं सकते उसका क्या फायदा। इससे तो अच्छा है झोपड़ी में रह लें।
विज्ञापन

3 of 5
building collapse shaberi - फोटो : अमर उजाला
इसी इमारत की तीसरी मंजिल पर रह रहे एसके उपाध्याय का कहना है कि अब तो यहां रहने से भी डर लगने लगा है। बेटे कॉलेज नहीं जा पा रहे। एक बेटा इंजीनियरिंग और दूसरा बीबीए में पढ़ रहा है। दोनों घर पर ही परिवार के साथ ही रहते हैं। वे सात माह से यहां रह रहे हैं पर अब किसी और जगह जाकर रहने का मन बना रहे हैं। वे कहते हैं कि बड़ी मेहनत से एक-एक पैसा जोड़ कर मकान खरीदा था, लेकिन अब यहां रहना मुश्किल है।

4 of 5
building collapse shaberi - फोटो : अमर उजाला
घर लौट रहे श्रमिक 
जिस जगह यह हादसा हुआ उसके आसपास कई बिल्डिंग बन रही थीं, लेकिन अब उनमें काम करने वाले मजदूर अपने घर लौट रहे हैं। श्रमिक रामदीन ने बताया कि परिसर में करीब 200 से अधिक श्रमिक रहते थे। दो मकानों के गिरने के बाद इनमें से ज्यादातर वहां से चले गए हैं। सिर्फ 10-15 श्रमिक ही बचे है। वे कहते हैं कि हादसे में कई श्रमिक अपनी जान गवां चुके हैं। ऐसा काम कर पैसा कमाने से क्या फायदा। कहीं और जाकर मेहनत कर लेंगे। कम से कम जान तो बची रहेगी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
building collapse
शाहबेरी में निर्माणाधीन इमारतों में कार्य बंद होने के बाद बड़ी संख्या में श्रमिक परिवार पलायन कर रहे हैं। शाहबेरी में अवैध रूप से बनी दो इमारतों के ढहने के बाद से लगभग सभी इमारतों में कार्रवाई के डर से काम बंद कर कालोनाइजर और ठेकेदार पहले दिन से ही भाग खड़े हुए हैं। जिससे बड़ी संख्या में श्रमिक अपने गांव वापस जा रहे थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें