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दिल्ली: नोटिस के बाद भी खतरनाक इमारतों में रह रहे कई परिवार, अधिकारी बेफिक्र

Fri, 26 Jul 2019 05:45 AM IST
Abhishek Singh सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
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खतरनाक मकान - फोटो : Amar Ujala
उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में 49 खतरनाक इमारतों को नोटिस जारी करने के बावजूद कार्रवाई में देरी से हादसे का खतरा मंडरा रहा है। इन इमारतों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन निगम अधिकारियों की मिलीभगत से अभी भी कई परिवार जान जोखिम में डालकर यहां रह रहे हैं। हैरत की बात यह है कि नोटिस दिए जाने के बाद इन इमारतों को खाली करने के लिए दी गई मोहलत के दो महीने बाद भी दोबारा इन पर कार्रवाई करने को लेकर अधिकारी बेफिक्र हैं। कुछ दिन पहले मदनगीर में भी एक बिल्डिंग झुक गई थी, जिसे तोड़ने के लिए एमसीडी की टीम पहुंची, लेकिन उस बिल्डिंग को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।
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खतरनाक मकान - फोटो : Amar Ujala
अधिक ऊंचाई होने से इमारत झुकने लगी

अमर उजाला की टीम ने गुरुवार को जब शकूरपुर जेजे कॉलोनी में तंग गलियों से गुजरती हुई इस क्षेत्र में खतरनाक घोषित इमारत (एम-558) की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया, तो दावों की पोल खुलने लगी। 30 वर्ग गज की इस इमारत में अभी भी पांच परिवार किराये पर रह रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस इमारत की हालत जर्जर होने पर एतराज जताते हुए आसपास रहने वाले भी हादसे की आशंका जताते हुए बिल्डिंग को तुरंत गिराने की गुहार लगा चुके हैं। इमारत की हालत जर्जर होने के बाद भी इसे तोड़ने की बजाय बाहर से पिलर निर्मित कर दिए गए, ताकि इस इमारत की बुनियाद मजबूत हो सके, बावजूद इसके इस बिल्डिंग में दरारें हैं। भूकंप या तेज बारिश की स्थिति में इसके गिरने का खतरा मंडरा रहा है। 
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खतरनाक मकान - फोटो : Amar Ujala
इमारत को बचाने के लिए बनाए पिलर

शकूरपुर में निर्मित इस इमारत की ऊपरी मंजिलें झुकने लगी हैं। इमारत को गिरने से बचाने के लिए तीसरी मंजिल तक तो पिलर बना दिए गए हैं, लेकिन तीन मंजिल अभी भी बगैर पिलर के हैं। इमारत की ऊंचाई अधिक होने के साथ-साथ इसकी नींव भी कमजोर है। कम जमीन में भी अधिक ऊंचाई होने की वजह से इमारत झुकने भी लगी है। इस कारण से ही इसे खतरनाक घोषित करते हुए निगम ने करीब दो महीने पहले इस इमारत पर नोटिस भी चस्पा कर दिया था, लेकिन इसे खाली करने के लिए एक दिन की मोहलत देने के बाद दूसरी बार कोई अधिकारी कार्रवाई के लिए ही नहीं पहुंचा।

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खतरनाक मकान - फोटो : Amar Ujala
किराये पर कई परिवारों की जिंदगी

अलग-अलग फ्लोर पर किराये पर रहने वाले परिवारों सहित आसपास के घरों और सड़क से गुजरने वाले कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। इस इमारत को देखकर ऐसा लगता है जैसे कई परिवारों की जिंदगियां किराये पर है। आसपास एक-दो घरों में इस इमारत के कारण दरारें पड़ गई हैं। अगर इमारत के बाहर भी कुछ देर के लिए आ जाएं तो चारों तरफ तारें और मेन लाइन भी हादसे को दावत दे रही है। अनधिकृत निर्माण के  कारण खतरनाक हो चुकी इस इमारत को खाली करने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई थी, लेकिन न तो इसे खाली किया गया और न ही इसे देखने के लिए दोबारा कोई पहुंचा।
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खतरनाक मकान - फोटो : Amar Ujala
बिल्डिंग डिपार्टमेंट को फाइल भेजी

एमसीडी के केशवपुरम जोन के तत्कालीन जेई कपिल ने बताया कि इस इमारत को सील करने के लिए बिल्डिंग डिपार्टमेंट को फाइल भेज दी गई है। हालांकि यहां आसपास इमारतें एक-दूसरे के साथ हैं, इसलिए कार्रवाई में देरी हो रही है। नोटिस के बाद पुलिस को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। वहीं, आयुक्त वर्षा जोशी ने कहा कि 49 खतरनाक भवनों पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से कुछ को मरम्मत करने के लिए नोटिस भेजे गए हैं, जबकि कुछ इमारतों को तोडने की कार्रवाई भी की जाएगी।
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