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दिल्ली में वायु का 'आपातकाल', गुणवत्ता सूचकांक ने पार किया 1000 का आंकड़ा, की जा रही पानी की बौछार

Thu, 08 Nov 2018 09:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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delhi pollution - फोटो : ani
दिल्लीवालों को दिवाली के बाद जिस चीज का इंतजार बिल्कुल नहीं था वही उन्हें सुबह उठने के बाद दिखाई दिया। दिल्ली-एनसीआर को जहरीले धुंध की मोटी चादर ने ढक लिया है और हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि आनंद विहार और मेजर ध्यानचंद स्टेडियम जैसे इलाकों में वायु गुणवत्ता 999 दर्ज की गई वहीं चाणक्यपुरी में 459 दर्ज की गई। खतरनाक स्तर पर पहुंचे प्रदूषण को कम करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने आनंद विहार इलाके में पानी का छिड़काव किया।
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delhi pollution - फोटो : ani
आनंद विहार में जिस तरह की वायु गुणवत्ता है उसमें सांस लेने वाला करीब 45 सिगरेट के बराबर धुआं पी रहा है। दिल्ली में ये हाल तब है जब सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के बारे में आदेश दिया था कि सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाए जाएंगे और वो भी 2 घंटे। लेकिन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए घंटों तक पटाखे जलाए और वो भी रेड पटाखे(सामान्य रूप से  मिलने वाले पटाखे जिसमें केमिकल की मात्रा ज्यादा होती है)।
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delhi pollution - फोटो : ani
वहीं खबर है कि नोएडा में पटाखे जलाने के लिए कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया लेकिन इन सब का भी कोई असर न दिखा और लोगों ने जमकर पटाखे जलाए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के अनुसार कल रात 11 बजे के करीब दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता 302 यानी बहुत खराब(वेरी पुअर) से खराब(पुअर) के बीच रही।

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delhi pollution - फोटो : ani
इस समय दिल्ली के हवा की जैसी स्थिति है उसके अनुसार यह सांस से जुड़ी बीमारियों के रोगियों के लिए जानलेवा है। यही नहीं स्वस्थ्य लोगों के लिए भी यह बेहद खतरनाक है। वातावरण में बढ़ गये प्रदूषण से होने वाले नुकसान पर रोशनी डालते हुए मशहूर छाती और श्वांस रोग विशेष डा एस के कटियार ने गुरूवार को 'भाषा' को बताया कि पटाखों के धुएं से बुजुर्ग लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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delhi pollution - फोटो : ani
उन्होंने बताया कि यह धुआं अस्थमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से पीड़ित रोगियों के लिये काफी नुकसान देह है। विशेषकर दमा से पीड़ित बच्चों और बुजुर्ग लोगों को इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बुधवार की रात ‘बेहद खराब’ की श्रेणी की तरफ बढ़ गयी। राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाके में लोगों ने रात आठ से दस बजे के बीच पटाखा फोड़ने के लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा तय की गई समय-सीमा का उल्लंघन किया। दिल्ली में बुधवार रात दस बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 296 दर्ज किया गया।
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delhi pollution - फोटो : ani
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम सात बजे एक्यूआई 281 था। रात आठ बजे यह बढ़कर 291 और रात नौ बजे यह 294 हो गया। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा संचालित सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने समग्र एक्यूआई 319 दर्ज किया जो ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आता है।
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delhi pollution - फोटो : ani
न्यायालय ने दिवाली और अन्य त्योहारों के मौके पर रात आठ से 10 बजे के बीच ही फटाखे फोड़ने की अनुमति दी थी। न्यायालय ने सिर्फ ‘हरित पटाखों’ के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी थी। हरित पटाखों से कम प्रकाश और ध्वनि निकलती है और इसमें कम हानिकारक रसायन होते हैं।

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delhi pollution - फोटो : अमर उजाला
उच्चतम न्यायालय ने पुलिस से इस बात को सुनिश्चित करने को कहा था कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री नहीं हो और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित थाना के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा और यह अदालत की अवमानना होगी। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों से उल्लंघन किये जाने की खबरें मिली हैं।

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delhi pollution - फोटो : अमर उजाला
आनंद विहार, आईटीओ और जहांगीरपुरी समेत कई इलाकों में प्रदूषण का बेहद उच्च स्तर दर्ज किया गया। मयूर विहार एक्सटेंशन, लाजपत नगर, लुटियंस दिल्ली, आईपी एक्सटेंशन, द्वारका, नोएडा सेक्टर 78 समेत अन्य स्थानों से न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किये जाने की सूचना प्राप्त हुई है। शहर में प्रदूषण निगरानी केंद्रों के ऑनलाइन संकेतकों ने ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ हवा की गुणवत्ता का संकेत दिया। रात आठ बजे के करीब पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में तेजी से वृद्धि हुई। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 का 24 घंटे का औसत क्रमश: 164 और 294 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा।
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delhi pollution - फोटो : अमर उजाला
सफर ने गुरुवार को हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रहने का अनुमान जताया जबकि इस साल 2017 के मुकाबले कम हानिकारक पटाखे छोड़े गए। उसने यह भी कहा कि प्रदूषण का स्तर बुधवार और गुरुवार को सुबह 11 बजे और रात तीन बजे के बीच चरम पर रहेगा।
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