फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाल किले को गोद लिए जाने के बाद बदल गया है यहां का माहौल, छिड़ गई है ये लड़ाई

Thu, 03 May 2018 10:24 AM IST
अरुण कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Red Fort-Dalmia Group
17वीं शताब्दी के ऐतिहासिक लाल किले को डालमिया भारत ग्रुप को गोद दिए जाने के बाद कार्यात्मक आधिपत्य को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) में वर्चस्व कायम रखने का माहौल पैदा हो गया।
विज्ञापन

2 of 6
Red Fort-Dalmiya Group
सुविधाओं के लिए लाल किले की आउटसोर्सिंग के बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का अधिकार क्षेत्र सीमित हो गया है, लेकिन लाल किले की खूबसूरती को बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण कार्य अभी भी एएसआई के पास ही है। कई दशकों से लाल किले के संरक्षण से जुड़े अधिकारियों द्वारा इसकी आउटसोर्सिंग को लेकर नाराजगी भी जाहिर की जा रही है। एएसआई सूत्रों के मुताबिक, लाल किले के कायाकल्प को लेकर पहले से जारी कार्य वर्तमान में भी जारी हैं।
विज्ञापन

3 of 6
Red Fort-Dalmiya Group
पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के मद्देनजर लाल किले को डालमिया भारत समूह को पांच वर्ष के लिए सौंपा गया है, लेकिन लाल किले की ऐतिहासिक दीवारों से लेकर किले के हर उस क्षेत्र पर एएसआई का अधिकार क्षेत्र है, जो मुगल काल में बनकर तैयार हुआ। लाल किले के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में नक्कार खाना, दीवान-ए-आम, नहर-ए-बहिश्त, जनाना, हयात बख्श बाग, मोती मस्जिद, दीवान ए खास और खास महल के संरक्षण का जिम्मा पूरी तरह से एएसआई के पास है।

4 of 6
Red Fort
एएसआई सूत्रों का कहना है कि दशकों से लाल किले के संरक्षण और सुविधाओं का जिम्मा एएसआई के पास था। लाल किला गोद दिए जाने के बाद से हालांकि एएसआई का कार्यभार कम हो जाएगा, लेकिन देश में लोगों के बीच विभाग की गरिमा और कार्यशैली पर भी सामंजस्य पैदा हो सकता है। बताया गया है कि लाल किले में कैफेटेरिया आने वाले समय में डालमिया समूह द्वारा संचालित किया जाएगा, साथ ही पीने के पानी, जानकारी केंद्र, लाइटिंग और शौचालयों समेत अन्य सुविधाएं डालमिया समूह द्वारा प्रदान की जाएंगी, लेकिन किले की लाल पत्थर से बनी दीवारों और अन्य जगहों के कायाकल्प का कार्य एएसआई के अनुभवी अभियंता ही करेंगे।
विज्ञापन

5 of 6
red fort independence day - फोटो : जी पॉल
- कायाकल्प भी हाथ से जाने का डर लाल किले में सुविधाओं का कार्य हाथ से जाने के बाद अब एएसआई कर्मियों में लाल किले का कायाकल्प भी हाथ से जाने की संभावना बनी हुई है। सूत्रों की मानें तो ताजमहल की तर्ज पर अगर भविष्य में लाल किले का कायाकल्प भी निजी कंपनियों को सौंपा गया तो इससे एएसआई की गरिमा प्रभावित हो सकती है। हालांकि सरकार द्वारा फिलहाल लाल किले को पांच वर्ष के लिए ही पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गोद दिया गया है, जबकि लाल किले के संरक्षण को किसी कंपनी को दिए जाने की कोई बात सामने नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
red fort independence day - फोटो : जी पॉल
- कायाकल्प का कार्य नहीं होगा प्रभावित एएसआई अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली की पांच ऐतिहासिक इमारतों के विशेष रूप से कायाकल्प की परियोजना में लाल किला शामिल है। इस परियोजना के तहत लाल किले का कायाकल्प जारी है और आउटसोर्सिंग के दौरान यह कार्य नहीं रुकेगा। इस कार्य के तहत लाल किले के छत्ता बाजार समेत अन्य जगहों की दीवारों और छतों पर एएसआई के अनुभवी अभियंता सुंदरता को जीवंत बनाने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें