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ओमीक्रॉन-2 के तिहरे हत्याकांड में आया नया मोड़, लड़की के चक्कर में हुआ था मर्डर!

Tue, 24 Jul 2018 09:07 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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ओमीक्रान-2 के तिहरे हत्याकांड में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी मनीष के बयान पर बहन को लेकर वारदात का खुलासा किया है, लेकिन पता चला है कि मनीष और कृष्णकांत में 20 दिन पहले एक विवाह समारोह में किसी लड़की को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के समझौता कर लेने से पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस विवाद को भी तिहरे हत्याकांड की बड़ी वजह बताया जा रहा है।
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इसी घर में हुई थी महिला की हत्या - फोटो : अमर उजाला
मंजू यादव ओमीक्रान-2 में बेटे कृष्णकांत यादव बीसीए छात्र और बड़ी बेटी प्रियंका यादव बीकॉम छात्रा के साथ रहती थी। मंजू के पति प्रमोद यादव (प्राधिकरण में संविदा इलेक्ट्रिशियन) से मतभेद थे। इससे प्रमोद पत्नी और बच्चों से अलग रह रहा था। कृष्णकांत और मनीष का गहरा दोस्ताना था और एक दूसरे के परिजनों का भी घर आना जाना था, लेकिन कुछ दिनों से दोनों के संबंधों में खटास आ गई थी।

इसका कारण 20 दिन पहले एक विवाह समारोह में दोनों के बीच एक लड़की को लेकर झगड़ा बताया जा रहा है। इस मामले की तहरीर मंजू यादव व कृष्णकांत यादव ने पहले कासना और फिर नॉलेज पार्क थाना पुलिस को दी थी, लेकिन पक्षों में समझौता हो गया था।
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छानबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की लापरवाही से लापता हुआ प्रियंका का शव       
शनिवार को खेरली नहर में दो शव मिलने की सूचना पर दनकौर और ककोड़ पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस पर शवों को बहाने का आरोप लगा था। सीमा विवाद सुलझाने को लेखपाल को बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने एक शव निकालकर पोस्टमार्टम को भेजा था। जबकि दूसरा शव बह गया था। अंदेशा जताया जा रहा है कि नहर में पुलिस की संवेदनहीनता व लापरवाही से बहा शव प्रियंका का था। अब तक भी पुलिस प्रियंका के शव को बरामद नहीं कर पाई है।  

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पुलिस कर रही छानबीन - फोटो : अमर उजाला
हत्या-लूट के अलावा और कोई अनहोनी तो नहीं
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रात नौ और दस बजे के बीच वारदात की रात टीवी बंद होने के बाद मंजू के घर में घुस गए थे। आरोपियों ने अंदर घुसते ही तीनों की हत्या की, लूटपाट की और कृष्णकांत और प्रियंका के शव लेकर निकल गए थे। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी तीनों शवों को नहर में ठिकाने लगाना चाहते थे, लेकिन सुबह होने से मंजू का शव नहर में नहीं बहा पाए थे।

सवाल यह उठता है कि पांचों आरोपियों को आखिर रात भर का समय हत्या करने और शव बहाने में कैसे लग गया। जबकि वारदात स्थल से खेरली नहर तक पहुंचने में 20 मिनट से अधिक समय तो नहीं लग सकता। आने जाने और शव ठिकाने लगाने में एक या दो घंटे का समय भी मान लो, तब भी आरोपियों के पास काफी समय था।
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इससे महिलाओं के साथ और कोई भी अनहोनी की आशंका होने लगी है कि कहीं बहन पर गलत नजर रखने का बदला लेने के लिए आरोपी व उसके साथियों ने कोई और अनहोनी न की हो। हालांकि पुलिस ने महिलाओं से और किसी घटना से इंकार किया है। प्रियंका के शव मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरी तरह स्थिति स्पष्ट होगी।

खुलासे के बावजूद उठ रहे ये सवाल
- 20 दिन पहले जिस लड़की को लेकर झगड़ा हुआ वो कौन थी       
- हत्या करने के बाद आरोपियों ने तीनों शव ठिकाने लगाने का रिस्क क्यों लिया       
- खेरली नहर की दूरी लगभग 10 किमी है तो पूरी रात का समय कैसे लगा       
- चार अन्य आरोपी किस लालच में तिहरे हत्याकांड में शामिल हो गए
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