पुलिस कर रही छानबीन
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हत्या-लूट के अलावा और कोई अनहोनी तो नहीं
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रात नौ और दस बजे के बीच वारदात की रात टीवी बंद होने के बाद मंजू के घर में घुस गए थे। आरोपियों ने अंदर घुसते ही तीनों की हत्या की, लूटपाट की और कृष्णकांत और प्रियंका के शव लेकर निकल गए थे। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी तीनों शवों को नहर में ठिकाने लगाना चाहते थे, लेकिन सुबह होने से मंजू का शव नहर में नहीं बहा पाए थे।
सवाल यह उठता है कि पांचों आरोपियों को आखिर रात भर का समय हत्या करने और शव बहाने में कैसे लग गया। जबकि वारदात स्थल से खेरली नहर तक पहुंचने में 20 मिनट से अधिक समय तो नहीं लग सकता। आने जाने और शव ठिकाने लगाने में एक या दो घंटे का समय भी मान लो, तब भी आरोपियों के पास काफी समय था।