हापुड़ सड़क हादसा
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परिजनों ने बताया कि शादी समारोह देर रात तक चलना था, इसलिए बच्चों को खाना खिलाने के बाद घर भेजा गया था। पिकअप वाहन में अधिकांश संख्या बच्चों की थी, लेकिन उन्हें आभास भी नहीं था कि वह घर नहीं पहुंच पाएंगे। उन्हें नहीं पता था कि वह घर के लिए नहीं बल्कि मौत के सफर पर निकले हैं। घर पहुंचने से पहले ही मंजर बदल गया। भिडंत ऐसी थी कि कई लोगों के हाथ-पांव कटकर दूर जा गिरे। मौके पर पहुंची पुलिस को रात के अंधेरे में शरीर के अंगों को इकट्ठा करना पड़ा।