दिल्ली विवि छात्र संघ अध्यक्ष रॉकी तुषीड की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर जहां उनकी उम्मीदवारी पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, अब एबीवीपी ने रॉकी के दाखिले में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रॉकी ने एमए के आवेदन फॉर्म में रॉकी तुषीड नाम का इस्तेमाल किया जबकि प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट सूची में उनका नाम ए. रॉकी तुषीर है।
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ABVP leaders during press conference to NSUI president rocky tushir issues
- फोटो : अमर उजाला
एबीवीपी ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाकर जांच की मांग की हैै। साथ ही मामले में चुनाव व दाखिला समिति के शामिल होने का आरोप लगाया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एक प्रेस कॉफ्रेंस में रॉकी के दाखिले व उस पर दर्ज प्राथमिकी के दस्तावेज जारी किए। दस्तावेज के आधार पर एबीवीपी ने फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा ने कहा कि रॉकी ने सत्र 2016-17 में एमए बुद्धिस्ट स्टडी में रॉकी तुषीड के नाम से दाखिला लिया।
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पहले साल में उनकी तीन पेपर में ईआर (आवश्यक पुनरावृति) आ गई। इस तरह से उनके तीन पेपर क्लीयर नहीं हुए। उसके बाद उन्होंने अपना यह दाखिला रद्द कराकर नए सिरे से इसी विभाग में दोबारा दाखिला लिया।
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dusu election
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नए दाखिले के लिए आवेदन फॉर्म रॉकी तुषीड ही नाम से ही भरा गया। प्रवेश परीक्षा के आधार पर जारी दाखिला सूची में नाम ए रॉकी तुषीर आया। एबीवीपी ने इस पर सवाल खड़े कि ऐसे कैसे हो गया। एबीवीपी का आरोप है कि इसमें डीयू के अंदर के ही लोगों की मिलीभगत है। दस्तावेज से जाहिर हो रहा है कि उन्हें मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया। एबीवीपी का आरोप है कि रॉकी काफी दिन न्यायिक हिरासत में भी रहा है।
क्या कहना है एनएसयूआई का
प्राथमिकी दर्ज होने के मामले पर एनएसयूआई का कहना है कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक, आरोप तय होने पर ही उम्मीदवार चुनाव लड़ने के अयोग्य हो जाता है। रॉकी पर आरोप तय नहीं हुुए इसलिए वह चुनाव लड़ सकता है। उधर, एनएसयूआई ने एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रहे रजत चौधरी के खिलाफ 7 सितंबर को दर्ज हुई एफआईआर भी जारी की। जिसमें अध्यक्ष पद के निर्दलीय उम्मीदवार रहे राजा चौधरी ने उन पर धमकी देने का आरोप लगाया है।