दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) की कलह सतह पर आ गई है। टिकट न मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने रविवार डीडीए मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने विधायकों पर तानाशाही का आरोप लगाया। वहीं, कार्यालय में तोड़फोड़ भी की।
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- फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उम्मीदवारों का नाम तय करने में कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जा रही है। स्थानीय विधायक मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। देवली से पार्टी कार्यालय पर पहुंचे हरवीर ने बताया कि जिन कार्यकर्ताओं ने दिनरात काम किया, पार्टी ने उनसे दूरी बना ली है। निगम उम्मीदवारों के चयन में उनकी नहीं सुनी जा रही है। विधायक तानाशाही तरीके से नाम तय कर रहे हैं।
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वहीं, दूसरे प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जमीन पर कार्यकर्ता अपना खून-पसीना बहाता है। लेकिन चुनाव आने पर उनकी नहीं सुनी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने उम्मीदवारों का नाम वापस लेने की मांग की।
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इस बारे में आप नेताओं का कहना है कि पार्टी के भीतर आवाज उठाने का अपना सिस्टम है। अगर किसी कार्यकर्ता को किसी के नाम पर आपत्ति है तो वह शिकायत कर सकता है। प्रदर्शन कर रहे लोगों के बारे में नेताओं ने कहा कि कुछ बाहरी लोग पार्टी के कार्यकर्ता बनकर विरोध कर रहे हैं। इस तरह से प्रदर्शन करना अनुशासन के खिलाफ है।
सिसोदिया के सामने भी जताया विरोध
रविवार सुबह उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी विरोध का सामना करना पड़ा। एक कार्यकर्ता सपरिवार सिसोदिया के मथुरा रोड स्थित आवास पर पहुंचा। काफी देर तक मुलाकात न होने पर उसने सिसोदिया की कार के सामने आकर रास्ता रोक लिया। इसके बाद दिनेश शर्मा नाम के कार्यकर्ता के समर्थकों ने जोरदार हंगामा किया। सुरक्षाकर्मियों ने दिनेश को हटाने का प्रयास किया, तो धक्का-मुक्की भी की गई। दिनेश ने बताया कि उसने पटपड़गंज विधानसभा के वार्ड ई-12 से आवेदन किया था। दिनेश ने दावा किया कि वह अपने खर्च पर पार्टी का प्रचार करने बनारस और पंजाब भी गया था। प्रदर्शन कर रहे नाराज कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनके साथ धोखा हुआ है।