ashutosh
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ट्विटर यूजर्स नें तस्वीरें शेयर कर प्रतिक्रियाएं दीं। महेंद्र नाम के यूजर ने लिखा-"कांग्रेस सरकार ने जब मनरेगा योजना शुरू की थी तब मर गए थे क्या? तब विरोध क्यों नहीं किया। साल भर में 100 दिन गेंती फावड़ा लेकर काम करो और 250 दिन बेरोजगार रहो, क्या इसे रोजगार मानोगे?”
कुलदीप सिंह ने कहा- "इसी पकौड़ा क्रांति से जहां मेहनतकश लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने की प्रेरणा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर वह दूसरों को रोजगार देने में भी समर्थ होगा। हां, हराम की कमाई पर पलने वाले चंदाखोर जरूर भूल गए हैं कि 1 करोड़ के समोसे निगलने वाला उनका सरदार कभी इन्हीं पकौडों के साथ अपनी जिदंगी बिताता था।”
एक अन्य यूजर ने लिखा-मोदी जी की हर क्रांति रंग ला रही। आज हर देशद्रोही समाज विरोधी और सरकार विरोधी बैठ कर पकौड़े तल रहे और फोटो खिंचा रहे। मोदी ने तुम जैसों को मजबूर कर दिया पकौड़े तलने के लिए।