आम आदमी पार्टी (आप) ने कालेधन के खात्मे को लेकर किए नोटबंदी पर किए जा रहे प्रधानमंत्री के दावे को फर्जी करार दिया है। पार्टी का कहना है कि एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी से नोट छापने का पेपर खरीदा जा रहा है। पार्टी ने इस मामले में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से सफाई मांगी है। (सभी फोटोः विवेक निगम/अमर उजाला)
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- फोटो : अमर उजाला
पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए आप संयोजक दिलीप पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार ने डेलारू नाम की ब्रिटिश कंपनी को नोट के लिए पेपर सप्लाई का ठेका दे रखा है। 2011 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने इसी कंपनी को ठेका दिया था। लेकिन उस वक्त कंपनी घोटालों में फंस गई थी।
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सीबीआई की जांच में कंपनी को दोषी पाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के आतंकी संगठनों को भी यही कंपनी नोट और उसकी सिक्योरिटी फिचर सप्लाई कर चुकी है। बाद में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
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पांडेय ने बताया कि इस ब्रिटिश कंपनी को यूके ने भी काली सूची में डाल रखा है। इसके कर्मचारियों ने प्रिंटिंग कागज की बारीकियां करीब 150 क्लाइंट्स को बेचे थे। इस पर लाखों रुपये का जुर्माना लगा।
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इसके अलावा अप्रैल 2016 में पनामा लीक्स में भी इस कंपनी का नाम आया है। पांडेय ने आरोप लगाया कि दिल्ली के बड़े कारोबारी को मोटा कमीशन कंपनी ने दिया था। इससे साफ है कि नोटबंदी के मसले पर प्रधानमंत्री का दावा फर्जी है।