शुक्रवार की रात अचानक नमक की कमी को लेकर फैली अफवाह और नोटबंदी के बाद सीएम केजरीवाल आजादपुर सब्जमंडी और गांंधीनगर मार्केट पहुंचे। वहीं डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी छोटे व्यापारियों से मिले और नोटबंदी के बाद से उनके व्यापार पर पड़े असर के बारे में जाना।
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kejriwal
व्यापारियों से मिलकर केजरीवाल व सिसोदिया ने उनका हाल जाना और उनके व्यापार पर क्या फर्क पड़ रहा है ये भी जाना। उन्होंने कहा कि 'शरद पवार, सुभाष चंद्रा, अडानी, अम्बानी, बादल बहुत ख़ुश हैं। महिलाएँ, व्यापारी, किसान, मज़दूर बहुत ज़्यादा चिंतित हैं।'
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इसके साथ ही केजरीवाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'जले पर नमक छिड़क रहे हैं मोदी जी। जब देश के लोग परेशानी में हैं, मोदी जी उनका मज़ाक़ उड़ा रहे हैं।'
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kejriwal at gurudwara
वहीं आज दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच सौ एवं एक हजार के नोटों पर पाबंदी से सबसे ज्यादा आम आदमी पार्टी परेशान है। इस बारे में आप नेताओं के बयान से स्पष्ट हो रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर नोट बंदी पर बयान देकर अपनी पार्टी के ऊपर पड़े असर के बारे में संकेत दिए।
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सतीश उपाध्याय ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शनिवार को एक फिर पंजाब का चुनाव दिखाई दिया। उन्होंने उन्होंने अपनी प्रेसवार्ता में नोटबंदी की बौखलाहट और बार-बार पंजाब चुनाव का जिक्र किया।
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उनके कथन से स्पष्ट हो रहा है कि अरविंद केजरीवाल का हिसाब किताब डगमगा गया है। क्योंकि अरविंद केजरीवाल की आप ने पंजाब एवं गोवा में सैकड़ों करोड़ों रुपया इक्कठा किया हुआ था।
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सतीश उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिना सबूत के उल जलूल वक्तव्य रखने की बजाय अपनी प्रशासकीय जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए लोगों को दिल्ली या देश में किसी भी खाद्य वस्तु की कोई कमी नहीं होने का विश्वास दिलाने का प्रयास करना चाहिए।
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kejriwal
इसके अलावा उन्होंने जनता से अफवाहों से सावधान रहने के बारे में सचेत रहने की अपील करनी चाहिए।
(तस्वीर में गांधीनगर मार्केट में हो रहा केजरीवाल का विरोध।)
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उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को जनता एवं दिल्ली की कोई चिंता नहीं है। वह देश के हर विषय पर बोलने के स्वयंभू ठेकेदार बने हुए है।
देश के अन्य मुख्यमंत्री अपने राज्यों के विकास पर ध्यान देते हैं, जबकि अरविंद केजरीवाल केवल राजनीतिक विकास पर ध्यान देते हैं।
(तस्वीर में गांधीनगर मार्केट में हो रहा केजरीवाल का विरोध।)