फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CM भैया से मिलने कार्यक्रम में पहुंच गईं उनकी बहन, सालों बाद देखते ही भर गई आंखें

Mon, 07 May 2018 08:58 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, ऋषिकेश
विज्ञापन
1 of 5
shashi devi
तीर्थनगरी में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर उनकी बहन शशि देवी भावुक हो गईं। भाई से मिलने के लिए शशि देवी नीलकंठ से सुबह नौ बजे लक्ष्मणझूला रोड स्थित शीलनाथ समाधि मंदिर पहुंच गई थींस लेकिन योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात दोपहर करीब ढाई बजे हो पाई। करीब सालभर बाद भाई से मिली शशि के आंखों में आंसू आ गए।

 
विज्ञापन

2 of 5
shashi devi
आश्रम के एक कमरे में हुई चंद मिनटों की मुलाकात के दौरान योगी आदित्यनाथ ने अपनी बहन, बहनोई, बड़े भाई मानवेंद्र बिष्ट और भांजे अनिल रावत से परिवार की कुशलक्षेम पूछी। उनके बहनोई पूरण सिंह पयाल ने बताया कि बमुश्किल पांच से सात मिनट की मुलाकात के दौरान उनकी इससे ज्यादा कोई बातचीत नहीं हुई। योगी ने उनसे पारिवारिक कुशलता की जानकारी ली। पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए बहन शशि पयाल ने बताया कि वह सालभर बाद अपने भाई योगी आदित्यनाथ से मिली हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह अपने भाई को देश के प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहती हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
shashi devi
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि एक बार वह उत्तरकाशी से टिहरी आ रहे थे, वहां से उन्हें केदारनाथ की ओर जाना था। बकौल योगी, मैंने जंगल का रास्ता लिया तो रास्ते में एक स्थान मिला चौरंगीखाल। जहां मैंने एक मंदिर देखा। लोगों से पूछा यह कौन सा मंदिर है, तो वह बोले कि बाबा का मंदिर है। मैंने पूछा किस बाबा का मंदिर है, तो लोग बोले कोई नाथ बाबा का है। मैं मंदिर में पहुंचा तो मूर्ति देखकर पता चला यह तो चौरंगीनाथ बाबा का मंदिर है, जो नाथ संप्रदाय की परंपरा के सिद्ध योगी हैं और गुरु गोरखनाथ जी की शिष्य परंपरा से जुड़े हैं।

4 of 5
yogi adityanath
बकौल योगी, लोगों ने बताया कि हम लोग इस मंदिर में पूजा करते हैं। जो भी उनके खेतों में अनाज होता होता है, वही मंदिर में चढ़ाते हैं। इस क्षेत्र में बाबा की कृपा से दुख-बीमारियां नहीं होती हैं और जंगली जानवर न तो मनुष्य को और न ही उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। अर्थात कितना बड़ा विश्वास लोगों के मन में आज भी उस क्षेत्र में देखने को मिलता है। यह स्थिति पूरे उत्तराखंड के अंदर हर स्थान पर मिलती हैं, जहां चमत्कारिक सिद्धियां इन संतों, योगियों का आशीर्वाद क्षेत्र के लोगों को प्राप्त होता रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
yogi adityanath
सीएम योगी ने कहा कि रविवार सुबह जब मैं लखनऊ से चला तो मुझे बताया गया कि देहरादून में मौसम खराब है। मौसम खराब होने का मतलब कि दून में जहाज नहीं उतरा तो आसपास जहाज नहीं उतर सकता। लिहाजा जहाज दिल्ली या मेरठ में उतर सकता है। मैंने कहा एक बार चलिए, देखते हैं। देहरादून आने पर 10 मिनट तक हमारा जहाज आसमान में घूमता रहा। कुछ बूंदे गिरने के बाद मौसम साफ होने पर जब हम उतरे तो यहां मौसम बड़ा सुहावना था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें